ट्रंप के दिमागी मिजाज को समझने के लिए ईरान ने ली सीनियर मनोवैज्ञानिकों की मदद, बनाई स्पेशल टीम!

ईरान का मानना है कि ट्रंप का व्यवहार काफी अनिश्चित है, यानी वे कब क्या फैसला ले लें, कुछ कहा नहीं जा सकता। ईरान का कहना है कि वे इन बातचीत के दस्तावेजों को इस तरह तैयार कर रहे हैं कि भविष्य में जब ये सार्वजनिक हों, तो दुनिया देख सके कि ईरान ने कितनी समझदारी और तकनीक से बातचीत की थी

अपडेटेड Jun 16, 2026 पर 8:22 PM
ट्रंप के दिमागी मिजाज को समझने के लिए ईरान ने ली सीनियर मनोवैज्ञानिकों की मदद

मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रही जंग को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है। लेकिन इस बातचीत में ईरान ने एक बहुत ही अनोखा तरीका अपनाया है। खबरों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'अजीबोगरीब व्यवहार' और पल-पल बदलते मिजाज को समझने के लिए ईरान ने मनोवैज्ञानिकों (Psychologists) की एक स्पेशल टीम तैनात की है।

क्या है पूरा मामला?

'ड्रॉप साइट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने दो सीनियर मनोवैज्ञानिकों को अपनी सलाहकार टीम में शामिल किया है। इनका काम ट्रंप की मानसिक स्थिति का आकलन करना है। ये विशेषज्ञ ईरानी बातचीत करने वालों (Negotiators) को यह बताते हैं कि ट्रंप को भेजे जाने वाले मैसेज और चिट्ठियां किस तरह लिखी जाएं, ताकि वे उन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दें।


ईरान के एक अधिकारी ने बताया, "हमने इन विशेषज्ञों को इसलिए जोड़ा ताकि हम ट्रंप के व्यवहार को मैनेज कर सकें। जब से हमने इन सलाहकारों की बात मानकर अपने मैसेज भेजने शुरू किए हैं, ट्रंप की प्रतिक्रियाओं में काफी सुधार आया है।"

क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

ईरान का मानना है कि ट्रंप का व्यवहार काफी अनिश्चित (Erratic) है, यानी वे कब क्या फैसला ले लें, कुछ कहा नहीं जा सकता।

ईरान का कहना है कि वे इन बातचीत के दस्तावेजों को इस तरह तैयार कर रहे हैं कि भविष्य में जब ये सार्वजनिक हों, तो दुनिया देख सके कि ईरान ने कितनी समझदारी और तकनीक से बातचीत की थी।

एक हालिया सर्वे (Reuters/Ipsos) के मुताबिक, 61% अमेरिकियों का भी मानना है कि 80 साल के हो चुके ट्रंप का व्यवहार उम्र के साथ काफी बदल गया है और वे चिड़चिड़े या अनिश्चित हो गए हैं।

समझौते की ओर बढ़ते कदम

ट्रंप ने जनवरी 2025 में राष्ट्रपति पद संभाला था और वे अमेरिका के इतिहास के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति हैं। सत्ता में आने के बाद से उन्होंने कई कड़े फैसले लिए हैं, जिससे कई बार युद्ध जैसे हालात भी बने।

अब, लगभग 4 महीने की लंबी बातचीत के बाद अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने के लिए एक शुरुआती समझौते पर पहुंच गए हैं।

कहां और कब होगा साइन: यह समझौता इसी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में साइन होने की उम्मीद है।

कौन-कौन शामिल होगा: ईरान की ओर से मोहम्मद बागेर गालिबफ और उनका प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा, जबकि अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) इस समझौते की कमान संभालेंगे।

ईरान को उम्मीद है कि मनोवैज्ञानिकों की मदद से तैयार की गई यह कूटनीति इस बार शांति लाने में कामयाब रहेगी।

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