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नेपाल में योगी आदित्यनाथ क्यों हो रहे हैं ट्रेंड? राजशाही समर्थक रैली में CM की तस्वीर पर बवाल

Yogi Adityanath trending in Nepal: काठमांडू में त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाहर सड़क के दोनों ओर पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह की तस्वीर और राष्ट्रीय ध्वज लिए मोटरसाइकिलों पर सवार सैकड़ों समर्थकों ने उनका स्वागत किया। कुछ समर्थकों ने ज्ञानेंद्र की तस्वीर के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर भी दिखाई

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 12, 2025 पर 4:52 PM
नेपाल में योगी आदित्यनाथ क्यों हो रहे हैं ट्रेंड? राजशाही समर्थक रैली में CM की तस्वीर पर बवाल
Yogi Adityanath trending in Nepal: नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने जनवरी में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी

Yogi Adityanath trending in Nepal: सीमा पार नेपाल में इस वक्त राजनीतिक भूचाल मचा हुआ है। इस बीच, नेपाल की राजधानी काठमांडू में पड़ोसी देश के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह के स्वागत में आयोजित राजशाही समर्थक रैली में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें दिखाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। सीएम योगी नेपाल में ट्रेंड कर रहे हैं। यह पोस्टर पूर्व राजा द्वारा नेपाल के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए समर्थन की पहली सीधी अपील करने के कुछ दिनों बाद आया है। इस पोस्टर ने पूर्व राजा के विरोधियों को बड़ा राजनीतिक हथियार दे दिया है।

नेताल के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक स्थलों का दौरा करने के बाद 77 वर्षीय ज्ञानेंद्र रविवार को पोखरा से सिमरिक एयर हेलीकॉप्टर में सवार होकर त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे। इसके बाद राजशाही समर्थक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों समर्थकों ने उनके पक्ष में नारे लगाने शुरू कर दिए।

रैली का उद्देश्य नेपाल में राजशाही की बहाली के लिए समर्थन प्रदर्शित करना था। एयरपोर्ट के बाहर सड़क के दोनों ओर ज्ञानेंद्र की तस्वीर और राष्ट्रीय ध्वज लिए मोटरसाइकिलों पर सवार सैकड़ों समर्थकों ने उनका स्वागत किया। कुछ समर्थकों ने ज्ञानेंद्र की तस्वीर के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर भी दिखाई।

हालांकि, ज्ञानेंद्र की तस्वीर के साथ बीजेपी नेता योगी आदित्यनाथ की तस्वीर शामिल किए जाने की विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर आम जनता ने भी कड़ी आलोचना की। इस आलोचना के बाद आरपीपी प्रवक्ता ज्ञानेंद्र शाही ने आरोप लगाया कि आदित्यनाथ की तस्वीर का प्रदर्शन केपी ओली के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा राजशाही समर्थक आंदोलन को बदनाम करने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है।

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