1 April 2025: नए फाइनेंशियल ईयर (FY 2025-26) की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल 2025 से कई बड़े टैक्स नियम बदलने वाले हैं। सरकार ने बजट 2024 में TDS यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स से जुड़े कुछ अहम बदलाव किए थे, जो अब लागू होंगे। ये बदलाव सीनियर सिटीजंस, निवेशकों, बीमा एजेंटों और ऑनलाइन गेमिंग से कमाई करने वालों के लिए खास फायदेमंद साबित होंगे। आइए जानते हैं कि ये नए नियम आपको कैसे फायदा देंगे।
1. सीनियर सिटीजंस को TDS में छूट
अगर आप सीनियर सिटीजन हैं और आपकी ब्याज इनकम 1 लाख रुपये तक है, तो अब आपको कोई TDS नहीं देना होगा। यह छूट फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), रेकरिंग डिपॉजिट (RD) और अन्य ब्याज वाली बचत योजनाओं पर मिलेगी। पहले यह लिमिट कम थी, लेकिन अब सरकार ने इसे बढ़ाकर सीनियर सिटीजंस को बड़ी राहत दी है।
2. आम लोगों के लिए भी TDS की लिमिट बढ़ी
सिर्फ सीनियर सिटीजंस ही नहीं, बल्कि सामान्य टैक्सपेयर्स को भी फायदा मिलने वाला है। पहले 40,000 रुपये से अधिक ब्याज मिलने पर TDS कटता था, लेकिन अब यह लिमिट 50,000 रुपये कर दी गई है। मतलब अब बैंक में रखी आपकी जमा अमाउंट से 50,000 रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री रहेगा।
3. ऑनलाइन गेमिंग के लिए नया नियम
अगर आप ऑनलाइन गेमिंग से कमाई करते हैं, तो अब TDS के नए नियमों का असर आप पर भी पड़ेगा। पहले हर जीत पर TDS कटता था, लेकिन अब यह तब तक नहीं कटेगा जब तक आपकी कुल जीत 10,000 रुपये से ज्यादा न हो। यानी अगर आपने 8,000 रुपये कई बार जीते हैं, लेकिन कुल जीत 10,000 रुपये से कम है, तो आप पर कोई TDS नहीं लगेगा।
4. बीमा एजेंटों के लिए राहत
बीमा एजेंटों को भी इस बार राहत दी गई है। पहले अगर बीमा एजेंट की कमीशन इनकम 15,000 रुपये से ज्यादा होती थी, तो TDS कटता था। अब यह लिमिट 20,000 रुपये कर दी गई है। इसका मतलब है कि छोटे बीमा एजेंटों को अब पहले के मुकाबले कम टैक्स देना होगा।
5. म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार के निवेशकों को फायदा
अब म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार से मिलने वाले डिविडेंड पर भी राहत दी गई है। पहले 5,000 रुपये से अधिक डिविडेंड मिलने पर TDS कटता था, लेकिन अब यह 10,000 रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर आपको 10,000 रुपये तक का डिविडेंड मिलता है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं कटेगा।
क्या आपको इन बदलावों का फायदा मिलेगा?
1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाले ये नए टैक्स नियम सीनियर सिटीजंस, छोटे निवेशकों, ऑनलाइन गेमिंग यूजर्स और बीमा एजेंटों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। सरकार ने TDS के नियमों को आसान और पारदर्शी बनाने की कोशिश की है, जिससे लोगों की टैक्स देनदारी कम होगी और उनकी डिस्पोजेबल इनकम (खर्च करने लायक पैसा) बढ़ेगी।