10 हजार रुपये से शुरू किया निवेश, 6 साल में 1.5 करोड़! 26 साल के युवक ने बताया पैसे बढ़ाने का तरीका
कम उम्र में निवेश शुरू करने का फायदा कितना बड़ा हो सकता है, इसकी एक कहानी करन वालिया ने साझा की है। उन्होंने 20 साल की उम्र में महज 10,000 रुपये से निवेश की शुरुआत की थी। छह साल बाद उनका दावा है कि उनका पोर्टफोलियो करीब 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसने सबका ध्यान खींचा
निवेश सीखने के दौरान वालिया ने फिक्स्ड डिपॉजिट, इक्विटी और म्यूचुअल फंड जैसे अलग-अलग विकल्पों को समझा।
कम उम्र में कमाई शुरू करने के बाद बचत करना आसान लग सकता है, लेकिन उस पैसे को सही तरीके से बढ़ाना एक अलग चुनौती होती है। करन वालिया की निवेश यात्रा इसी सोच को समझने की कोशिश से शुरू हुई। उन्होंने महज 20 साल की उम्र में 10,000 रुपये से निवेश की दुनिया में कदम रखा था। उस समय उन्हें निवेश के तरीकों और बाजार की बारीकियों की बहुत ज्यादा जानकारी नहीं थी। धीरे-धीरे उन्होंने पैसे की बढ़त, महंगाई और अलग-अलग निवेश विकल्पों को समझना शुरू किया। छह साल बाद उनकी कहानी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
उनका दावा है कि इस दौरान उनका निवेश पोर्टफोलियो बढ़कर करीब 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। 26 साल की उम्र में इतनी बड़ी रकम का पोर्टफोलियो होने की बात ने खासकर युवा निवेशकों का ध्यान खींचा है। उनकी कहानी अब यह सवाल भी खड़ा कर रही है कि आखिर उन्होंने शुरुआत से ऐसा क्या किया?
शुरुआत में निवेश की ज्यादा समझ नहीं थी
करन वालिया ने इंस्टाग्राम पर अपनी निवेश यात्रा साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने शुरुआत की थी, तब उन्हें निवेश की ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्होंने धीरे-धीरे यह समझना शुरू किया कि पैसा किस तरह समय के साथ बढ़ सकता है और महंगाई बचत की वास्तविक कीमत को कैसे प्रभावित करती है। उनके मुताबिक, बैंक खाते में बिना इस्तेमाल पड़ा पैसा हर साल अपनी क्रय शक्ति खोता रहता है, क्योंकि समय के साथ चीजों की कीमतें बढ़ती जाती हैं।
महंगाई ने बदल दी पैसे को देखने की सोच
वालिया को धीरे-धीरे एहसास हुआ कि केवल पैसा बचाकर रखना पर्याप्त नहीं है। अगर पैसे की वृद्धि महंगाई की रफ्तार से कम रहती है, तो समय के साथ उसी रकम से कम चीजें खरीदी जा सकती हैं। इसी सोच के बाद उन्होंने अलग-अलग निवेश विकल्पों को समझना शुरू किया और अपने पैसे को ऐसी जगह लगाने की कोशिश की, जहां लंबे समय में वह महंगाई से तेज गति से बढ़ सके।
FD से लेकर इक्विटी और म्यूचुअल फंड तक आजमाए विकल्प
निवेश सीखने के दौरान वालिया ने फिक्स्ड डिपॉजिट, इक्विटी और म्यूचुअल फंड जैसे अलग-अलग विकल्पों को समझा। हालांकि आज उनके पोर्टफोलियो में सीधे खरीदे गए शेयरों के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में निवेश भी शामिल है, लेकिन उनका मानना है कि नए निवेशकों को शुरुआत में जटिल रणनीतियों के पीछे भागने की जरूरत नहीं है।
शुरुआती निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड बना आसान रास्ता
वालिया के मुताबिक, सीधे शेयरों में निवेश करने के लिए काफी समय, रिसर्च और बाजार की समझ की जरूरत होती है। ये कौशल उन्होंने अपने निवेश सफर के काफी बाद विकसित किए। एक दोस्त से म्यूचुअल फंड के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसे इक्विटी बाजार में प्रवेश करने का अपेक्षाकृत आसान तरीका माना।
म्यूचुअल फंड में कई निवेशकों का पैसा अलग-अलग कंपनियों में लगाया जाता है और इसे पेशेवर फंड मैनेजर संभालते हैं। इससे शुरुआती निवेशकों को हर कंपनी के शेयर खुद चुनने की जटिलता से बचने का विकल्प मिलता है।
प्राइवेट इक्विटी और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग से बढ़ी समझ
समय के साथ वालिया ने प्राइवेट इक्विटी और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के अनुभव के जरिए निवेश की अपनी समझ को और मजबूत किया।
बाद में उन्होंने अधिक उन्नत निवेश रणनीतियों और बाजार की बारीकियों को समझा। हालांकि उनका कहना है कि निवेश की बुनियादी सोच आज भी वही है, पैसा सही जगह लगाना और लंबे समय तक उसकी वृद्धि पर ध्यान देना।
26 की उम्र में ₹1.5 करोड़ का पोर्टफोलियो
20 साल की उम्र में ₹10,000 से शुरू हुई यह निवेश यात्रा छह साल में उनके मुताबिक करीब ₹1.5 करोड़ के पोर्टफोलियो तक पहुंच गई। उनका अनुभव अब सोशल मीडिया पर उन युवाओं के लिए चर्चा का विषय बन गया है, जो कम उम्र में निवेश शुरू करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि उनका सफर यह भी दिखाता है कि निवेश की शुरुआत करने के लिए बड़ी रकम का इंतजार करना जरूरी नहीं है।
View this post on Instagram
छोटे से शुरू करें, आज से शुरू करें
नए निवेशकों के लिए वालिया का संदेश बेहद सीधा है। उनका मानना है कि शुरुआत के लिए बड़ी रकम या जटिल निवेश रणनीति जरूरी नहीं है। उनकी सलाह है “छोटे से शुरू करें, अभी शुरू करें और इसे बढ़ने दें।”
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।