Gold Investment Myths: सोना खरीदने से जुड़े 5 बड़े मिथ, क्या है उनकी हकीकत?

गोल्ड इनवेस्टमेंट को लेकर कई मिथक फैले हैं। जैसे कि यह सिर्फ अमीरों के लिए होता है या सिर्फ संकट के वक्त काम आता है। जानिए इन पांच बड़े भ्रमों की सच्चाई और क्यों सोना अब भी स्मार्ट निवेश है।

अपडेटेड Apr 06, 2025 पर 4:34 PM
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कई लोग सोचते हैं कि सोने में निवेश करना अब गुजरे जमाने की बात हो गई है

Gold Investment Myths: भारत में सोना हमेशा एक लोकप्रिय निवेश रहा है, लेकिन इसके बावजूद इससे जुड़े कई मिथक आज भी लोगों को गुमराह करते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि गोल्ड सिर्फ संकट के समय काम आता है, तो कुछ मानते हैं कि ये सिर्फ अमीरों के लिए होता है। इसके चलते बहुत से लोग गोल्ड में इनवेस्ट करने से भी कतराते हैं।

मुथूट एक्जिम (Muthoot Exim) के सीईओ केयूर शाह (Keyur Shah) गोल्ड से जुड़े 5 मिथक की हकीकत बताया। उन्होंने यह भी क्लियर किया कि आखिर गोल्ड क्यों हमेशा आपके पोर्टफोलियो का हिस्सा होना चाहिए।

मिथक 1: सोना सिर्फ संकट के समय काम आता है


बहुत से लोगों का मानना है कि सोना सिर्फ आर्थिक संकट के दौरान ही अच्छा प्रदर्शन करता है। लेकिन, कीयूर शाह कहते हैं कि यह बात पूरी तरह सही नहीं है। उनका कहना है, “इतिहास बताता है कि गोल्ड स्थिरता और महंगाई से सुरक्षा देता है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ये आपकी संपत्ति को संतुलन देता है।”

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मिथक 2: हर गोल्ड इनवेस्टमेंट एक जैसा होता है

आज निवेशकों के पास कई विकल्प हैं- फिजिकल गोल्ड (जैसे गहने, सिक्के), डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF, म्यूचुअल फंड और गोल्ड से जुड़ी कंपनियों के शेयर। फिर भी कई लोगों को लगता है कि हर गोल्ड इनवेस्टमेंट एक जैसा होता है।

शाह कहते हैं, “फिजिकल गोल्ड सीधा मालिकाना हक देता है, लेकिन इसकी सुरक्षा की जरूरत होती है। वहीं, डिजिटल गोल्ड और ETF सुविधाजनक और ट्रेडिंग में आसान होते हैं।” समझदार निवेशक अपनी सहूलियत के हिसाब से इनका संतुलन बनाते हैं।

मिथक 3: गोल्ड के दाम बहुत ज्यादा चंचल होते हैं

पिछले कुछ महीनों में गोल्ड के दाम काफी तेजी से बढ़े हैं। यही वजह है कि कुछ लोगों को लगता है कि गोल्ड के दाम में काफी तेजी से उतार-चढ़ाव हो सकता है। शाह का कहना है कि सोने की कीमतें जरूर बदलती हैं, लेकिन उतनी नहीं जितना लोग मानते हैं।

वह बताते हैं, “गोल्ड की कीमतें स्टॉक्स जैसी नहीं झूलतीं। इसके दाम लंबे समय में स्थिर और ऊपर की दिशा में रहे हैं।” इसलिए यह लॉन्ग टर्म वेल्थ प्रिजर्वेशन यानी लंबी अवधि में पैसा बनाने का अच्छा जरिया है।

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मिथक 4: सोना अब आउटडेटेड हो गया है

कई लोग सोचते हैं कि सोने में निवेश करना अब गुजरे जमाने की बात हो गई है यानी सोना आउटडेटेड है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। डिजिटल गोल्ड और गोल्ड म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों ने इसे नई पीढ़ी के लिए भी आकर्षक बना दिया है।

शाह के मुताबिक, “अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता और बढ़ती महंगाई के चलते सोना आज भी एक मजबूत और समयानुकूल निवेश बना हुआ है। 2024 में तो सोने ने रिटर्न देने के मामले में कई एसेट क्लास को पछाड़ दिया।”

मिथक 5: सोने में निवेश सिर्फ अमीरों के लिए है

यही वो मिथक है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग में इनवेस्ट नहीं करते। शाह कहते हैं, “सच तो ये है कि छोटे निवेशक भी आज आसानी से सोना खरीद सकते हैं।” गोल्ड ETF और म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों से अब थोड़ी-थोड़ी रकम से भी निवेश शुरू करना संभव है।

अब सोने में निवेश करने के लिए भारी-भरकम गहने खरीदने की जरूरत नहीं है। इसलिए गोल्ड हर निवेशक के पोर्टफोलियो का हिस्सा होना चाहिए, ताकि उसे लॉन्ग टर्म में अच्छा रिटर्न मिले।

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