Personal Loan: पर्सनल लोन नहीं मिल रहा? सिर्फ क्रेडिट स्कोर नहीं, ये 5 कारण भी हो सकते हैं जिम्मेदार
Personal Loan: पर्सनल लोन रिजेक्ट होने की वजह सिर्फ खराब क्रेडिट स्कोर नहीं होती। कई बार छोटी गलतियां या कमजोर फाइनेंशियल प्रोफाइल भी कारण बनते हैं। जानिए बैंक किन 5 बातों को सबसे ज्यादा अहमियत देते हैं।
बैंक यह भी देखते हैं कि पिछले कुछ समय में आपने पैसों का लेन-देन कैसे संभाला है।
Personal Loan: हम में से ज्यादातर लोग पर्सनल लोन अमूमन इमरजेंसी के वक्त ही लेने की सोचते हैं। ऐसे में एप्लिकेशन रिजेक्ट काफी निराशाजनक हो सकता है। हो सकता है आपने बहुत बड़ी रकम न मांगी हो। आपकी कमाई भी ठीक-ठाक हो और आपको पूरा भरोसा हो कि आप समय पर लोन चुका देंगे। लेकिन बैंक ने क्रेडिट स्कोर चेक किया और आवेदन रिजेक्ट हो गया।
ज्यादातर लोग यहीं मान लेते हैं कि उनकी किस्मत खराब है या फिर क्रेडिट स्कोर कम है। लेकिन सच यह है कि बैंक सिर्फ एक नंबर देखकर फैसला नहीं करते। क्रेडिट स्कोर जरूर अहम होता है, लेकिन यह पूरी कहानी नहीं बताता।
यही वजह है कि कई बार कम स्कोर वाले लोगों का भी लोन मंजूर हो जाता है। वहीं, अच्छा स्कोर होने के बावजूद कुछ लोगों का आवेदन रिजेक्ट हो जाता है।
1. छोटी चूक से भी बात बिगड़ सकती है
पर्सनल लोन का एप्लिकेशन रिजेक्ट होने के कई कारण हो सकते हैं। हो सकता है आपने कई महीने पहले क्रेडिट कार्ड का एक बिल लेट भरा हो। कोई पुराना लोन बंद होने के बाद भी क्रेडिट रिपोर्ट में चालू दिख रहा हो। या फिर रिपोर्ट में कोई गलत जानकारी दर्ज हो। ऐसी छोटी-छोटी बातें भी आपके क्रेडिट स्कोर पर असर डाल सकती हैं।
इसलिए अगला आवेदन करने से पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर चेक करें। इससे आपको पता चल जाएगा कि आखिर आवेदन रिजेक्ट क्यों हुआ और क्या गलती अगली बार से पहले सुधारी जा सकती है।
2. बैंक हालिया रिकॉर्ड भी देखते हैं
क्रेडिट स्कोर आपके पुराने व्यवहार को दिखाता है। लेकिन बैंक यह भी देखते हैं कि पिछले कुछ समय में आपने पैसों का लेन-देन कैसे संभाला है।
मान लीजिए कुछ साल पहले आपको पैसों की दिक्कत आई थी। उस दौरान कुछ EMI लेट हो गई थीं। लेकिन उसके बाद से आपने हर EMI और क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर भरा है। ऐसे में बैंक इसे सकारात्मक संकेत मान सकते हैं। वहीं, अगर आज भी लगातार भुगतान लेट हो रहा है, तो लोन मिलने में दिक्कत आ सकती है।
3. ज्यादा कर्ज है, तो मुश्किल बढ़ेगी
कई लोग सिर्फ क्रेडिट स्कोर पर ध्यान देते हैं। लेकिन बैंक यह भी देखते हैं कि आपके ऊपर पहले से कितना कर्ज है।
अगर आपकी सैलरी का बड़ा हिस्सा पहले से चल रहे लोन की EMI में ही चला जाता है, तो बैंक को लग सकता है कि नया लोन चुकाना आपके लिए मुश्किल होगा। ऐसे में पहले कुछ पुराने कर्ज कम करना नए लोन के लिए आवेदन करने से ज्यादा बेहतर हो सकता है।
4. हर बैंक में आवेदन सही तरीका नहीं
एक बैंक से लोन रिजेक्ट हुआ तो कई लोग तुरंत दूसरे, तीसरे और चौथे बैंक में आवेदन कर देते हैं। उन्हें लगता है कि कहीं न कहीं से लोन मिल ही जाएगा। लेकिन कम समय में कई जगह आवेदन करना उल्टा नुकसान पहुंचा सकता है। बैंक इसे जोखिम का संकेत मान सकते हैं। इसका असर आपके अगले आवेदन पर भी पड़ सकता है।
इसलिए जल्दबाजी करने के बजाय पहले यह समझना ज्यादा जरूरी है कि पिछला आवेदन आखिर रिजेक्ट क्यों हुआ। वजह दूर करने के बाद दोबारा आवेदन करना बेहतर रहता है।
5. एक जैसा Credit Score, फिर भी फैसला अलग क्यों?
कई लोगों का सवाल होता है कि दो लोगों का क्रेडिट स्कोर लगभग बराबर है, फिर भी एक का लोन मंजूर हो गया और दूसरे का नहीं।
इसकी वजह यह है कि बैंक सिर्फ स्कोर नहीं देखते। वे आपकी नौकरी कितनी स्थिर है, आपकी आमदनी कितनी नियमित है, आपके ऊपर कितना कर्ज है और आप समय पर भुगतान करते हैं या नहीं, इन सभी बातों को भी देखते हैं।
लोन रिजेक्ट होने पर क्या करें?
अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपको कभी लोन नहीं मिलेगा। दोबारा आवेदन करने की जल्दबाजी न करें। पहले अपनी EMI और क्रेडिट कार्ड के भुगतान समय पर करें। अगर पुराने कर्ज हैं, तो उन्हें कम करने की कोशिश करें। साथ ही अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर चेक करें और उसमें कोई गलती दिखे, तो उसे ठीक कराएं।
हो सकता है इसका असर तुरंत न दिखे। लेकिन धीरे-धीरे आपका प्रोफाइल मजबूत होगा और अगली बार लोन मंजूर होने की संभावना भी बढ़ जाएगी।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।