85% भारतीयों ने नहीं बनाई वसीयत! एक गलती बन सकती है परिवार के झगड़े की वजह

घर, जमीन, बैंक बैलेंस, निवेश और अन्य संपत्तियां जुटाने में लोग पूरी जिंदगी लगा देते हैं। लेकिन इन संपत्तियों का भविष्य क्या होगा, इस बारे में अक्सर सोचते ही नहीं। यही वजह है कि देश में बड़ी संख्या में परिवार विरासत से जुड़े विवादों का सामना करते हैं।

अपडेटेड Jun 04, 2026 पर 6:16 PM
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करीब 85% भारतीयों ने अब तक वसीयत (Will) नहीं बनाई है।

घर, जमीन, बैंक बैलेंस, निवेश और अन्य संपत्तियां जुटाने में लोग पूरी जिंदगी लगा देते हैं। लेकिन इन संपत्तियों का भविष्य क्या होगा, इस बारे में अक्सर सोचते ही नहीं। यही वजह है कि देश में बड़ी संख्या में परिवार विरासत से जुड़े विवादों का सामना करते हैं। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक करीब 85% भारतीयों ने अब तक वसीयत (Will) नहीं बनाई है। इतना ही नहीं ज्यादातर लोगों की फिलहाल वसीयत बनाने की कोई योजना भी नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि समय रहते वसीयत तैयार करने से परिवार को भविष्य के विवादों और कानूनी परेशानियों से बचाया जा सकता है।

वसीयत बनाने को लेकर लोग क्यों पीछे हैं?

रिपोर्ट के अनुसार 84.8% लोगों के पास वसीयत नहीं है, जबकि 62.5% लोगों ने निकट भविष्य में वसीयत बनाने की कोई योजना नहीं बनाई है। हैरानी की बात यह है कि लगभग आधे लोगों ने अपने परिवार के साथ कभी संपत्ति के बंटवारे या वसीयत को लेकर चर्चा तक नहीं की। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यही चुप्पी आगे चलकर परिवारों में विवाद और कानूनी लड़ाई का कारण बनती है।


क्या हाथ से लिखी वसीयत भी मान्य होती है?

कई लोगों को लगता है कि वसीयत केवल स्टांप पेपर या कानूनी डॉक्यूमेंट पर ही बनाई जा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं है। हाथ से लिखी गई वसीयत भी पूरी तरह वैध मानी जाती है। इसके लिए जरूरी है कि वसीयत बनाने वाला व्यक्ति उस पर हस्ताक्षर करे और दो गवाह भी उसकी मौजूदगी में हस्ताक्षर करें। साथ ही वसीयत में तारीख, संपत्तियों की जानकारी, लाभार्थियों के नाम और एक एक्जिकयूटर (Executor) की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।

वसीयत का रजिस्ट्रेशन क्यों फायदेमंद है?

हालांकि वसीयत का रजिस्ट्रेशन कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है, लेकिन इससे डॉक्यूमेंट की विश्वसनीयता बढ़ जाती है। रजिस्टर्ड वसीयत होने पर यह साबित करना आसान होता है कि वसीयत वास्तव में उसी व्यक्ति ने बनाई थी। इससे फर्जीवाड़े और डॉक्यूमेंट में छेड़छाड़ की आशंका भी कम हो जाती है। इसके अलावा, भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में अदालत में इसे साबित करना आसान होता है।

क्या वसीयत ऑनलाइन रजिस्टर कर सकते हैं?

आज के समय में वसीयत तैयार करने और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले से काफी आसान हो गई है। कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वसीयत का ड्राफ्ट तैयार करने, जरूरी डॉक्यूमेंट जुटाने और अपॉइंटमेंट बुक करने की सुविधा देते हैं। हालांकि अंतिम रजिस्ट्रेशन के लिए आमतौर पर वसीयत बनाने वाले व्यक्ति और गवाहों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में उपस्थित होना पड़ता है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि समय-समय पर वसीयत की समीक्षा भी करते रहें, ताकि जीवन की बदलती परिस्थितियों और नई संपत्तियों के अनुसार उसमें जरूरी बदलाव किए जा सकें।

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