8th Pay Commission: पेंशनर्स की बड़ी मांग! ₹45,000 न्यूनतम पेंशन और हर 3 महीने में महंगाई राहत बढ़ाने का प्रस्ताव

8th Pay Commission Pensioners Proposal: फिलहाल सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनरों के लिए महंगाई राहत (DR) साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) संशोधित किया जाता है। BPS की मांग है कि, महंगाई राहत में संशोधन हर 6 महीने के बजाय हर 3 महीने में किया जाए

अपडेटेड Aug 12, 2026 पर 9:09 AM
यह भी सुझाव दिया गया है कि सरकार को हर 5 साल में वेतन और पेंशन की समीक्षा करनी चाहिए

8th Pay Commission Pensioners Demands: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने देश के पेंशनभोगियों की ओर से बड़ी मांगें रखी गई हैं। लगभग 10 लाख पेंशनरों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने वेतन आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक कर न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, हर 3 महीने में महंगाई राहत (DR) संशोधित करने और पुरानी व नई पेंशन के बीच अंतर खत्म करने का प्रस्ताव सौंपा है।

यह बैठक 7 अगस्त 2026 को आयोग के अधिकारियों के साथ आयोजित की गई थी। आइए जानते हैं कि पेंशनर्स संगठन ने 8वें वेतन आयोग के सामने कौन-कौन सी प्रमुख मांगें रखी हैं।

न्यूनतम पेंशन ₹45,000 करने की मांग


भारत पेंशनर्स समाज ने 8वें वेतन आयोग के सामने न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹45,000 प्रति माह करने का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पेंशन ₹9,000 प्रति माह है। इसके अलावा संगठन ने कर्मचारियों के लिए:

न्यूनतम बेसिक सैलरी: ₹69,000 करने का प्रस्ताव।

फिटमेंट फैक्टर: 3.83 लागू करने की मांग की है।

हर 3 महीने में रिवाइज हो महंगाई राहत (DR)

फिलहाल सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनरों के लिए महंगाई राहत (DR) साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) संशोधित किया जाता है। BPS की मांग है कि, महंगाई राहत में संशोधन हर 6 महीने के बजाय हर 3 महीने में किया जाए। साथ ही जैसे ही महंगाई राहत (DR) 25% के पार पहुंचे, उसे तुरंत बेसिक पेंशन में मर्ज कर दिया जाए ताकि बढ़ती महंगाई का असर कम किया जा सके।

आखरी सैलरी का 67% तक मिले पेंशन

पेंशनर्स ग्रुप ने मांग की है कि रिटायरमेंट के समय मिलने वाली पेंशन को कर्मचारी के अंतिम वेतन का 67% तक तय किया जाए। वहीं, फैमिली पेंशन को अंतिम वेतन का 50% तक रखने का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही, यह भी सुझाव दिया गया है कि सरकार को हर 5 साल में वेतन और पेंशन की समीक्षा करनी चाहिए।

पुराने और नए पेंशनरों में समानता की मांग

संगठन ने 'समान पद, समान पेंशन' की तर्ज पर मांग रखी है कि 1 जनवरी 2026 से पहले और उसके बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों की पेंशन में सिर्फ रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। समान पद से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को समान वित्तीय लाभ मिलना चाहिए।

कब तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट मई या जून 2027 तक सौंप सकता है। दिल्ली में बैठकों के बाद अब आयोग चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर में कर्मचारियों व पेंशनर संगठनों से परामर्श करेगा।

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