8th Pay Commission: वेतन आयोग के इस नियम से टेंशन में पेंशनर्स, REWA ने PM मोदी से कर दी ये बड़ी मांग

8th Pay Commission Pension Revision: 8वें वेतन आयोग की बैठकों के बीच देश के 69 लाख पेंशनर्स की चिंता बढ़ गई है। रिटायर्ड एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन का दावा है कि आयोग के नियमों (ToR) में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन रिवीजन का स्पष्ट जिक्र नहीं है। जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अब REWA ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है

अपडेटेड Sep 10, 2026 पर 9:43 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
जानिए पूरा मामला क्या है और पेंशनर्स क्यों चिंतित हैं?

8th Pay Commission Pension Revision: 8वें वेतन आयोग को लेकर एक तरफ जहां बैठकों का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ देश के करीब 69 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स की धड़कनें तेज हो गई हैं। पेंशनभोगियों के मन में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या 8वां वेतन आयोग उनकी पेंशन में भी बढ़ोतरी की सिफारिश करेगा या नहीं?

इसी भ्रम को दूर करने के लिए रिटायर्ड एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (REWA) ने सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि 8वें वेतन आयोग के नियम और शर्तों यानी 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) में तुरंत संशोधन किया जाए, ताकि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन रिवीजन का रास्ता पूरी तरह साफ हो सके।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और पेंशनर्स क्यों चिंतित हैं।


बैठकों का दौर जारी, लेकिन पेंशनर्स को क्यों है डर?

8वां वेतन आयोग इन दिनों अलग-अलग राज्यों का दौरा कर कर्मचारियों और यूनियनों के साथ बैठकें कर रहा है। आयोग ने 7 और 8 सितंबर को चेन्नई के आईटीसी ग्रैंड चोल में बैठकें कीं और आज, 10 सितंबर को पुडुचेरी में दिनभर की अहम बैठक चल रही है। इन बैठकों में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन ढांचे पर मंथन हो रहा है।

लेकिन इस सब के बीच पेंशनर्स एसोसिएशन REWA का कहना है कि सरकार द्वारा तय किए गए नियमों (ToR) में पेंशनर्स को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।

नियमों का वो पेच, जिसने बढ़ाई 69 लाख पेंशनर्स की चिंता

REWA के मुताबिक, सारा भ्रम वेतन आयोग के नोटिफिकेशन के पॉइंट 2(e) की वजह से पैदा हुआ है। इस नियम में डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रैच्युटी (DCRG), एनपीएस (NPS), यूपीएस (UPS) और पेंशन स्ट्रक्चर की समीक्षा की बात तो कही गई है, लेकिन यह 'कर्मचारियों' के संदर्भ में लिखा गया है।

REWA का कहना है कि इसमें 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स का स्पष्ट रूप से जिक्र नहीं है। इसी वजह से लाखों पेंशनभोगियों में यह डर पैदा हो गया है कि कहीं आयोग की सिफारिशें केवल मौजूदा कर्मचारियों तक ही सीमित न रह जाएं।

पिछले वेतन आयोगों से कैसे अलग है 8वां CPC?

एसोसिएशन ने पीएम मोदी को भेजी अपनी चिट्ठी में पुराने वेतन आयोगों के आंकड़ों का हवाला भी दिया है:

7वां वेतन आयोग: इसके नियम (ToR) में रिटायरमेंट से जुड़े फायदों और प्री-रिटायरमेंट (पुराने) पेंशनर्स की पेंशन रिवीजन का साफ जिक्र था।

5वां और 6ठा वेतन आयोग: इन दोनों आयोगों के नियमों में भी 'पेंशनर्स' और 'फैमिली पेंशनर्स' शब्द को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया था।

REWA का कहना है कि उन्होंने इससे पहले वित्त मंत्री और वित्त सचिव से भी इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया। इसी वजह से सोशल मीडिया और पेंशनर्स यूनियनों के बीच इस पर असमंजस लगातार बढ़ रहा है।

पेंशनर्स एसोसिएशन की सरकार से क्या हैं 2 मुख्य मांगें?

REWA ने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए दो प्रमुख बातें रखी हैं:

नियमों में हो औपचारिक बदलाव: 8वें वेतन आयोग के ToR में आधिकारिक संशोधन कर यह साफ लिखा जाए कि आयोग 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए सभी पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशनर्स की पेंशन बढ़ाने की सिफारिश करेगा।

अंतरिम प्रेस नोट जारी हो: जब तक औपचारिक संशोधन नहीं होता, तब तक केंद्र सरकार एक प्रेस नोट या बयान जारी कर लाखों पेंशनर्स का भ्रम और तनाव दूर करे।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।