8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा झटका! एक बार फिर बढ़ी ये डेडलाइन, जानें कब मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन

8th Pay Commission Delay: 8वें वेतन आयोग ने ज्ञापन सौंपने की समय-सीमा को बढ़ा दिया है। इस प्रक्रिया की शुरुआत 5 मार्च को हुई थी। इसके बाद पहली डेडलाइन 30 अप्रैल और फिर उसे बढ़ाकर 31 मई किया गया था। अब इसे 15 जून तक बढ़ाया गया है

अपडेटेड Jun 03, 2026 पर 9:48 AM
इस फैसले से आयोग की अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में थोड़ी और देरी हो सकती है

8th Pay Commission: करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए एक जरूरी खबर आई है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अपनी डेडलाइन को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। आयोग ने कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनभोगी समूहों को अपनी मांगों और सुझावों का ज्ञापन सौंपने के लिए दूसरी बार अतिरिक्त समय दिया है।

इस फैसले से अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में थोड़ी और देरी हो सकती है, जिससे सैलरी रिविजन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के मन में कई सवाल खड़े हो गए हैं। आइए जानते हैं कि इस देरी का आपकी सैलरी, पेंशन और एरियर पर क्या असर पड़ेगा।

अब 15 जून तक का समय


8वें वेतन आयोग ने ज्ञापन सौंपने की समय-सीमा को बढ़ाकर अब 15 जून 2026 कर दिया है। इस प्रक्रिया की शुरुआत 5 मार्च 2026 को हुई थी। इसके बाद पहली डेडलाइन 30 अप्रैल और फिर उसे बढ़ाकर 31 मई किया गया था। अब इसे 15 जून तक बढ़ाया गया है।

अपने नए सर्कुलर में आयोग ने साफ कर दिया है कि 15 जून 2026 आखिरी तारीख है और इसके बाद कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी सुझाव केवल आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। किसी भी तरह की हार्ड कॉपी, फिजिकल कॉपी, ईमेल या पीडीएफ पर विचार नहीं किया जाएगा।

केंद्रीय कर्मचारियों को कब से मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी?

सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था और नवंबर 2025 में इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई थी। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से देखा जाए तो सैलरी में संशोधन अप्रैल या मई 2027 के आसपास होने की उम्मीद है।

ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल के अनुसार, अप्रैल का महीना क्रियान्वयन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि इसी समय से नया वित्तीय वर्ष शुरू होता है। उनके मुताबिक, अगर एक या दो महीने की देरी भी होती है, तो भी अप्रैल 2027 के आसपास इसे लागू कर दिया जाना चाहिए।

देरी से आपकी सैलरी, पेंशन और एरियर पर क्या पड़ेगा असर?

इस प्रक्रिया में हो रही देरी का वित्तीय असर कर्मचारियों और सरकार दोनों पर पड़ेगा।

मोटा एरियर मिलेगा: नया वेतन ढांचा 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होना तय हुआ है। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों का एरियर 1 जनवरी 2026 से ही जुड़ रहा है। जब भी नई सैलरी स्केल लागू होगी, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एकमुश्त बड़ी एरियर राशि मिलेगी। इससे सरकार पर भी एक साथ बड़ा वित्तीय बोझ आएगा।

HRA का हो सकता है नुकसान: विशेषज्ञों के मुताबिक, इस देरी से कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का नुकसान उठाना पड़ सकता है। बेसिक पे का एरियर तो बाद में मिल जाता है, लेकिन HRA आमतौर पर पिछली तारीखों से नहीं दिया जाता है। ऐसे में देरी की अवधि के लिए कर्मचारी बढ़े हुए भत्ते से चूक सकते हैं।

कौन संभाल रहा है 8वें वेतन आयोग की कमान?

8वें वेतन आयोग का नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इस पैनल में पूर्व आईएएस पंकज जैन सदस्य-सचिव के रूप में और प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष बतौर सदस्य शामिल हैं। नवंबर 2025 से शुरू हुई इस प्रक्रिया को अब छह महीने से अधिक का समय हो चुका है।

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