8th Pay Commission News: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आज यानी 28 अप्रैल का दिन बेहद ऐतिहासिक साबित हो सकता है। 8वें वेतन आयोग की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आज से देश की राजधानी दिल्ली में शुरू हो गई है। डिप्टी सेक्रेटरी अभय एन. सहाय के नोटिस के अनुसार, 28 से 30 अप्रैल तक चलने वाली इस बैठक में फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम बेसिक पे जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा होने वाली है।
दिल्ली में हो रही इस बैठक में कर्मचारी संगठनों और यूनियनों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। चर्चा के केंद्र में तीन मुख्य बिंदु हैं:
फिटमेंट फैक्टर: कर्मचारी यूनियन मौजूदा 2.57 फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.25 या उससे अधिक करने की मांग कर रही हैं।
न्यूनतम बेसिक पे: अगर फिटमेंट फैक्टर पर सहमति बनती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा।
पेंशन और भत्ते: DA की समीक्षा और पेंशनभोगियों के लिए अतिरिक्त लाभों पर भी मेमोरेंडम के आधार पर सिफारिशें तैयार की जा रही हैं।
केंद्र ने 18 महीने का दिया था समय
सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन को हरी झंडी दी थी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के अनुसार, आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का वक्त मिला है। आयोग वर्तमान में विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहा है और हितधारकों से फीडबैक ले रहा है। 12 मार्च को ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक के बाद आज की यह तीन दिवसीय बैठक इसलिए अहम है क्योंकि इसमें साझा मेमोरेंडम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
कर्मचारियों की क्या है मांग?
यूनियनों का तर्क है कि पिछले कुछ वर्षों में महंगाई और जीवन स्तर में आए बदलावों के कारण पुराने फॉर्मूले अब प्रासंगिक नहीं रहे। कर्मचारियों को उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद उनके वेतन में 20% से 30% तक की कुल वृद्धि देखी जा सकती है।
दिल्ली की इस बैठक के बाद आयोग अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट को अंतिम रूप देना शुरू करेगा। इसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जानकारों का मानना है कि अगर प्रक्रिया इसी गति से चलती रही, तो कुछ ही महीनों में नई सैलरी स्ट्रक्चर लागू होने की प्रबल संभावना है।