8th Pay Commission Minimum Basic Pay: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वां वेतन आयोग इस समय सबसे बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा दी गई 18 महीने की समयसीमा के अनुसार, आयोग अपनी आधी अवधि पूरी कर चुका है।
आयोग लगातार विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कर्मचारी यूनियनों, संघों और हितधारकों के साथ बैठकें कर रहा है। दिल्ली, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बाद अब चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और राजस्थान में बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में बेसिक पे, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन सुधारों पर जोर दिया जा रहा है। आइए जानते हैं कि आजादी के बाद से अब तक न्यूनतम बेसिक सैलरी कितनी बदली है और 8वें वेतन आयोग से क्या मांगें रखी जा रही हैं।
1st से 7th पे कमीशन: 325 गुना से ज्यादा बढ़ी मिनिमम बेसिक सैलरी
पिछले सात दशकों में केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 1946-47 में पहले वेतन आयोग से लेकर 2016 में लागू हुए 7वें वेतन आयोग तक मिनिमम बेसिक पे ₹55 से बढ़कर ₹18,000 प्रति माह हो चुका है। नॉमिनल टर्म्स में यह 325 गुना से अधिक की वृद्धि है:
सैलरी के साथ-साथ बदलता गया पे स्ट्रक्चर
वेतन आयोगों ने केवल सैलरी ही नहीं बढ़ाई, बल्कि पे स्ट्रक्चर को भी आसान और पारदर्शी बनाया है:
पे बैंड और ग्रेड पे: छठे वेतन आयोग ने पुरानी इंडिविजुअल पे स्केल्स प्रणाली को खत्म कर पे बैंड और ग्रेड पे की अवधारणा शुरू की।
पे मैट्रिक्स: सातवें वेतन आयोग ने इसे और आसान बनाते हुए पे मैट्रिक्स और विभिन्न पे लेवेल्स को लागू किया।
वास्तविक वेतन में उछाल: 6ठा वेतन आयोग इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण संशोधनों में से एक माना जाता है, जिसने कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी में बड़ा उछाल दिया था।
8th Pay Commission: कर्मचारी यूनियनों की प्रमुख मांगें
आयोग के समक्ष विभिन्न प्रमुख यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम बेसिक सैलरी को लेकर अपनी मांगें रखी हैं:
8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब तक आएगी?
6ठे वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 था, जिसे 7वें वेतन आयोग में बढ़ाकर 2.57 किया गया था। अब देखना होगा कि 8वां वेतन आयोग क्या सिफारिश करता है। 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों वाली रिपोर्ट मई-जून 2027 तक केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है।
कर्मचारी यूनियनों द्वारा रखी गई मांगें और दिए गए आंकड़े अभी केवल प्रस्ताव हैं। वास्तविक वेतन और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और केंद्र सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा। हालांकि, पिछले सात वेतन आयोगों का इतिहास बताता है कि हर नया आयोग कर्मचारियों के वेतन और पे-स्ट्रक्चर में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लेकर आता है।