8th Pay Commission News: केंद्र सरकार के लाखों एंप्लॉयीज और पेंशनर्स की करीबी नजरें 8वें वेतन आयोग पर लगी हैं। एंप्लॉयीज यूनियन ने नए वेतन आयोग को अपनी मांगों के बारे में बताया है। इनमें ज्यादा फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक पे में संशोधन और बेसिक पे में डीए का विलय शामिल हैं। इस बीच, 8वें वेतन आयोग ने इस बारे में राय देने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 जून कर दी है। ऐसे में अगले महीने डीए में इजाफा की संभावना बढ़ गई है।
साल में दो बार बढ़ता है डीए
केंद्र सरकार एक साल में दो बार एंप्लॉयीज और पेंशनर्स का डीए बढ़ाती है। डीए में पहली वृद्धि जनवरी में होती है, जबकि दूसरी जुलाई में होती है। इस साल जनवरी में सरकार ने डीए 2 फीसदी बढ़ाया था। जुलाई में डीए बढ़ने की उम्मीद की वजह इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) है। इसमें उछाल आया है। डीए का कैलकुलेशन इसी इंडेक्स के आधार पर किया जाता है। यह इंडेक्स इस साल मार्च में 149.1 था, जो अप्रैल में बढ़कर 149.9 हो गया।
इस वजह से बढ़ सकता है डीए
इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए रिटेल इनफ्लेशन रेट भी बढ़ा है। यह 4.27 से बढ़कर 4.46 फीसदी हो गया है। अप्रैल 2026 तक उपलब्ध एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू डेटा के आधार पर 12 महीने का औसत 147.51 है। अगर 2016 की बेस सीरीज को 2001 के बेस में कनवर्ट करने के लिए 2.88 लिंकिंग फैक्टर का इस्तेमाल किया जाता है तो डीए का कैलकुलेशन करीब 62.51 फीसदी आता है। राउंड फिगर में यह 62 होगा।
अभी केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का डीए 60 फीसदी है। ऐसे में अगर सरकार जुलाई में डीए बढ़ाने का फैसला करती है तो यह बढ़कर 63 फीसदी तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि सरकार जुलाई में डीए 3 फीसदी बढ़ा सकती है। हालांकि, सरकार आम तौर पर नए वेतन आयोग के गठन के बाद डीए में बढ़ोतरी नहीं करती है। वेतन आयोग की सिफारिशें मिलने के बाद बेसिक पे और दूसरे भत्तों में रिवीजन होता है। फिर सरकार पूर्व की तारीख से नई सिफारिशों को लागू करती है। इससे एंप्लॉयीज को लॉस नहीं होता है।
कैबिनेट में आ सकता है प्रस्ताव
इस बार वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें आने में समय लग सकता है। इसलिए यह माना जा रहा है कि सरकार जुलाई में डीए बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। इससे लाखों एंप्लॉयीज और पेंशनर्स को काफी राहत मिलेगी। हालांकि, इसके लिए केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी जरूरी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी जून में दो हफ्तों से ज्यादा का समय बाकी है। ऐसे में सरकार कैबिनेट की बैठक में इस बारे में प्रस्ताव पेश कर सकती है।