8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर के साथ अगर सरकार ने मान ली ये मांग, तो सरकारी कर्मचारियों की हो जाएगी मौज!

8th Pay Commission Demands: आठवें वेतन आयोग की परामर्श प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई में आयोग की महत्वपूर्ण बैठकें होने जा रही हैं। इस बीच NC-JCM ने ₹69,000 न्यूनतम सैलरी व 3.833 फिटमेंट फैक्टर और BPMS ने ₹72,000 न्यूनतम सैलरी व 4.00 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। जानिए सभी डिमांड्स

अपडेटेड Sep 28, 2026 पर 3:35 PM
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बेंगलुरु में 7-8 अक्टूबर और मुंबई में 22-23 अक्टूबर को अहम बैठकें आयोजित होने वाली हैं

8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग से जुड़ी गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ महीनों से आयोग देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कर्मचारी यूनियनों और हितधारकों के साथ परामर्श बैठकें कर रहा है।

इसी कड़ी में सितंबर महीने में चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में सफल बैठकों के बाद अब अक्टूबर 2026 में बेंगलुरु (7-8 अक्टूबर) और मुंबई (22-23 अक्टूबर) में अहम बैठकें आयोजित होने जा रही हैं।

नवंबर 2025 में जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित इस तीन-सदस्यीय पैनल के पास देश की दो सबसे बड़ी कर्मचारी यूनियनों नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने अपनी सिफारिशें और मांग पत्र सौंपे हैं।


आइए आपको बताते हैं कि इन यूनियनों ने न्यूनतम सैलरी, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन को लेकर सरकार के सामने क्या प्रमुख मांगें रखी हैं।

NC-JCM और BPMS की प्रमुख मांगों की तुलना

दोनों कर्मचारी संगठनों ने महंगाई और जीवनयापन के बढ़ते खर्चों को ध्यान में रखते हुए अपनी-अपनी मांगें आयोग के समक्ष रखी हैं:

8th Pay Commission NC-JCM और BPMS की प्रमुख मांगों की तुलना

NC-JCM का प्रस्ताव: ₹69,000 न्यूनतम सैलरी और 3.833 फिटमेंट फैक्टर

कर्मचारी यूनियन NC-JCM ने आयोग के सामने न्यूनतम बेसिक सैलरी को ₹69,000 करने की मांग रखी है।

3.833 फिटमेंट फैक्टर: यूनियन का तर्क है कि मौजूदा वेतन ढांचे को सुधारने के लिए 3.833 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाना चाहिए।

6% इंक्रीमेंट: मौजूदा 3% सालाना इंक्रीमेंट की दर को बढ़ाकर दोगुना यानी 6% करने का प्रस्ताव है।

न्यूट्रिशन मॉडल: वेतन गणना के लिए ICMR (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) के 3,490 कैलोरी वाले न्यूट्रिशन मॉडल का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा आवास, उपयोगिता, कौशल विकास और लाइफस्टाइल खर्चों के लिए भी अलग आवंटन की मांग की गई है।

पे लेवल मर्जर: यूनियन ने पे मैट्रिक्स में लेवल 2 और 3, 4 और 5, 7 और 8 तथा 9 और 10 के विलय की सिफारिश की है।

BPMS का प्रस्ताव: ₹72,000 न्यूनतम सैलरी और 4.00 फिटमेंट फैक्टर

भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने NC-JCM से भी अधिक बढ़ोतरी की मांग उठाई है।

₹72,000 बेसिक पे: BPMS ने न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹72,000 और फिटमेंट फैक्टर 4.00 तय करने की मांग की है।

प्रति व्यक्ति आय से जुड़ाव: BPMS ने अपने मांग पत्र में तर्क दिया है कि 2016-17 में देश की प्रति व्यक्ति नेट राष्ट्रीय आय ₹1,03,219 थी, जो 2024-25 में बढ़कर ₹1,92,774 (86.76% की बढ़ोतरी) हो गई है। इसलिए कर्मचारियों की सैलरी भी देश की आर्थिक वृद्धि के अनुपात में बढ़नी चाहिए।

5 सदस्यों का परिवार: BPMS का मानना है कि वेतन की गणना करते समय परिवार की इकाई को 3 सदस्यों के बजाय 5 सदस्यों के हिसाब से माना जाना चाहिए।

कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आगे क्या?

3 अक्टूबर 2026 को आठवें वेतन आयोग के गठन को 11 महीने पूरे हो जाएंगे। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने में लगभग 7 महीने का समय बाकी है। यहां आपको बता दें कि ₹69,000 या ₹72,000 की सैलरी और 3.833 या 4.00 का फिटमेंट फैक्टर केवल यूनियनों द्वारा रखी गई मांगें हैं, अंतिम फैसला नहीं। आयोग सभी राज्यों और हितधारकों से डेटा जुटाने के बाद अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद ही अंतिम दरों का औपचारिक ऐलान होगा।

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