8th Pay Commission पर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नया अपडेट! इतनी बढ़ जाएगी बेसिक सैलरी और HRA, देखें लेवल 1 से 10 का पूरा कैलकुलेशन
8th Pay Commission HRA Calculator: अगर सरकार न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 2.28 या 2.57 को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे एक एंट्री-लेवल अफसर (लेवल 10) जो अभी दिल्ली जैसे शहर में रह रहा है, उसका सिर्फ मकान किराया भत्ता (HRA) ही बढ़कर ₹43,250 प्रति माह तक पहुंच सकता है
जैसे ही 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक सैलरी बढ़ेगी, कर्मचारियों का एचआरए भी रॉकेट की तरह बढ़ जाएगा
8th Pay Commission Salary HRA Hike: आठवें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ने को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच खूब चर्चा है। हालांकि, इसके एक प्रमुख कंपोनेंट हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर लोगों का उतना ध्यान नहीं जाता, लेकिन सैलरी बढ़ाने में इसका बड़ा योगदान होता है। कोलकाता में स्टेकहोल्डर्स के साथ वेतन आयोग की बैठकों का दौर समाप्त हो चुका है। इन बैठकों में कर्मचारी यूनियनों ने बेसिक सैलरी बढ़ाने के साथ-साथ हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की मौजूदा दरों को बढ़ाने की पुरजोर मांग की है।
चूंकि एचआरए (HRA) सीधे तौर पर बेसिक सैलरी का एक निश्चित प्रतिशत होता है, इसलिए जैसे ही 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक सैलरी बढ़ेगी, कर्मचारियों का एचआरए भी रॉकेट की तरह बढ़ जाएगा। आइए समझते हैं कि 2.0, 2.1, 2.28 और 2.57 के फिटमेंट फैक्टर पर लेवल 1 से लेकर लेवल 10 तक के कर्मचारियों की सैलरी और एचआरए में कितना बंपर उछाल आ सकता है।
कर्मचारी संगठनों की मांग: 40% तक हो HRA
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक, शहरों को तीन कैटेगरी X, Y और Z में बांटा गया है। जनवरी 2024 में महंगाई भत्ता (DA) 50% पहुंचने के बाद मौजूदा एचआरए दरें क्रमशः 30% (X शहर), 20% (Y शहर) और 10% (Z शहर) हैं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बड़े शहरों में मकानों के किराए बहुत ज्यादा बढ़ चुके हैं, इसलिए मौजूदा एचआरए नाकाफी है। संगठनों ने वेतन आयोग के सामने ये मांगें रखी हैं:
NC-JCM, AIDEF और FNPO जैसे कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि एचआरए की तीन स्लैब को बढ़ाकर 40% (X), 35% (Y) और 30% (Z) किया जाए। साथ ही इसे महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी से जोड़ा जाए और पेंशनर्स को भी इसका लाभ मिले।
AINPSEF ने X, Y और Z शहरों के लिए क्रमशः 36%, 24% और 12% एचआरए की मांग की है।
फिटमेंट फैक्टर का खेल: कैसे तय होगा नया HRA?
एचआरए की गणना हमेशा बेसिक पे पर होती है। मान लीजिए अभी दिल्ली (X सिटी) में कार्यरत एक लेवल 1 के कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो उसे 30% के हिसाब से ₹5,400 एचआरए मिलता है।
अगर 8वां वेतन आयोगन्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 2.0 तय करता है, तो बेसिक सैलरी ₹36,000 हो जाएगी और 30% के हिसाब से एचआरए सीधे ₹10,800 हो जाएगा। वहीं अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28 या 2.57 तय होता है, तो यह फायदा और ज्यादा बढ़ जाएगा।
HRA कैलकुलेटर: देखें अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर अनुमानित गणित
नीचे दिए गए आंकड़ों में मौजूदा एचआरए दरों (X-30%, Y-20%, Z-10%) को आधार मानकर अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर लेवल 1 से लेवल 10 तक के कर्मचारियों के नए वेतन और एचआरए का अनुमान लगाया गया है:
HRA से सैलरी में दिखेगा बंपर उछाल
अगर सरकार न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 2.28 या 2.57 को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। उदाहरण के तौर पर, एक एंट्री-लेवल अफसर (लेवल 10) जो अभी दिल्ली जैसे शहर में रह रहा है, उसका सिर्फ मकान किराया भत्ता (HRA) ही बढ़कर ₹43,250 प्रति माह तक पहुंच सकता है।