8th Pay Commission: क्लर्क, पोस्टमैन सहित अधिकारी तक, सभी की लगेगी लॉटरी! जानिए कितनी बढ़ सकती है आपकी सैलरी

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में अगर सरकार कर्मचारी संगठनों की फिटमेंट फैक्टर को 3.83 करने कई मांगों के बीच वित्तीय संतुलन बनाने के लिए 2.3 का भी फैक्टर चुनती है, तब भी कर्मचारियों को बड़ा फायदा होने जा रहा है। न्यूनतम बेसिक सैलरी सीधे ₹18000 की सीमा को पार करके ₹41400 के स्तर पर पहुंच जाएगी

अपडेटेड May 31, 2026 पर 3:45 PM
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फिटमेंट फैक्टर 2.3 होने पर भी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में सीधे ₹23400 का बड़ा उछाल देखने को मिलेगा

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के सैलरी रिवीजन को लेकर सुगबुगाहट तेज है। हर 10 साल में बनने वाले वेतन आयोग की परंपरा के अनुसार, 7वें वेतन आयोग के बाद अब 8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। वैसे कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी?

वेतन आयोग का नियम है कि नई बेसिक सैलरी तय करने के लिए मौजूदा बेसिक सैलरी में फिटमेंट फैक्टर से गुणा किया जाता है। अगर सरकार अर्थव्यवस्था के सभी आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए एक एवरेज तौर पर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 2.3 रखती है, तो 7वें वेतन आयोग के मुकाबले उनकी बेसिक सैलरी में कितना अंतर आएगा? आइए इसे समझते हैं।

न्यूनतम बेसिक सैलरी का कैलकुलेशन


7वें वेतन आयोग के तहत इस समय केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 तय है।

अगर 8वें वेतन आयोग में सरकार 2.3 का फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी का गणित इस प्रकार होगा:

कैलकुलेशन फॉर्मूला: ₹18000 (मौजूदा न्यूनतम बेसिक)×2.3 (फिटमेंट फैक्टर)

नई न्यूनतम बेसिक सैलरी: ₹41400

सैलरी में सीधा अंतर (बढ़ोतरी): ₹41400−₹18000=₹23400

यानी, फिटमेंट फैक्टर 2.3 होने पर भी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में सीधे ₹23400 का बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।

7th CPC बनाम 8th CPC

यहां यह समझना जरूरी है कि 7वें वेतन आयोग में सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर दिया था। अगर इस बार सरकार 2.3 देती है, तो गुणांक के मामले में यह पिछली बार से थोड़ा कम जरूर है। लेकिन चूंकि कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी पहले के मुकाबले काफी ज्यादा है, इसलिए रुपये के मामले में आपकी सैलरी में होने वाला इजाफा बहुत बड़ा होगा।

8th pay commission vs 7th pay commission salary difference

कुल इन-हैंड सैलरी पर इसका क्या असर होगा?

जब कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 2.3 गुना की बढ़ोतरी होगी, तो उनके कुल वेतन में शामिल अन्य भत्ते भी बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगे, क्योंकि वे सीधे बेसिक सैलरी पर ही निर्भर करते हैं:

महंगाई भत्ता (DA): नया वेतन आयोग लागू होते ही पुराना महंगाई भत्ता शून्य कर दिया जाता है और नए सिरे से डीए इसी ₹41400 या जो भी आपकी नई बेसिक होगी पर कैलकुलेट होगा।

मकान किराया भत्ता (HRA): शहरों की कैटेगरी (X, Y, Z) के हिसाब से मिलने वाले एचआरए का कैलकुलेशन भी इस नई और बड़ी बेसिक सैलरी के प्रतिशत के आधार पर किया जाएगा, जिससे कुल इन-हैंड सैलरी में बहुत बड़ा उछाल आएगा।

पेंशनर्स को लाभ: इसी फॉर्मूले के आधार पर देश के लाखों पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन में भी शानदार वृद्धि दर्ज की जाएगी।

आपके बजट पर क्या पड़ेगा असर?

8वें वेतन आयोग में अगर सरकार कर्मचारी संगठनों की फिटमेंट फैक्टर को 3.83 करने कई मांगों के बीच वित्तीय संतुलन बनाने के लिए 2.3 का भी फैक्टर चुनती है, तब भी कर्मचारियों को बड़ा फायदा होने जा रहा है। न्यूनतम बेसिक सैलरी सीधे ₹18000 की सीमा को पार करके ₹41400 के स्तर पर पहुंच जाएगी। यह नया वेतन ढांचा महंगाई के इस दौर में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की क्रय शक्ति को मजबूत करने में बड़ी राहत देगा।

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