मुंबई में एक 86 साल की महिला से ठगों ने 20 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर ली। ये ठग खुद को पुलिस अधिकारी बताकर महिला को डराते रहे और तीन महीने तक पैसों का ट्रांजैक्शन करवाते रहे। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ही ये स्कैम किया गया है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? सरकार, RBI और बैंकों के सभी जागरूकता अभियान के बावजूद आम लोग डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) के नाम पर फ्रॉड का शिकार हो रहे हैं? ये स्कैमर्स लोगों की इमोशनली ब्लैकमेल करते हैं कि वह इतना घबरा जाते हैं कि उनकी बातों में आकर पैसा ट्रांसफर कर देते हैं।
