आधार पर फटाफट मिल जाएगा लोन, इस दावे की हकीकत जानते हैं आप?

बैंक या एनबीएफसी ग्राहक की उम्र, इनकम और लोन चुकाने की क्षमता की जांच करते हैं। अगर कोई व्यक्ति आपको सिर्फ आधार पर लोन दिलाने की ऑफर देता है तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि लोन तभी लेना चाहिए, जब आपको इसकी जरूरत हो

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 5:05 PM
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लोन की अवधि ज्यादा होने पर EMI कम हो जाती है। लेकिन, उस पर आपको ज्यादा इंटरेस्ट चुकाना पड़ता है।

आपने कई बार 'आधार पर फटाफट लोन' का एडवर्टाइजमेंट देखा होगा। क्या सच में अगर किसी के पास आधार है तो उसे आसानी से लोन मिल जाएगा? इसका जवाब 'ना' है। आधार से सिर्फ आइडेंटिटी के वेरिफिकेशन में मदद मिलती है। इससे केवायसी प्रोसेस जल्द पूरा हो जाता है। इससे ज्यादा कुछ नहीं। बैंक या एनबीएफसी लोन का प्रोसेस पूरा होने के बाद ही आपको लोन देता है।

जरूरत होने पर ही लोन के ऑफर को करें हां

बैंक या एनबीएफसी ग्राहक की उम्र, इनकम और लोन चुकाने की क्षमता की जांच करते हैं। अगर कोई व्यक्ति आपको सिर्फ आधार पर लोन दिलाने की ऑफर देता है तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि लोन तभी लेना चाहिए, जब आपको इसकी जरूरत हो। अगर कोई बैंक या एनबीएफसी आपको आसानी से लोन ऑफर कर रहा है तो बगैर जरूरत उस ऑफर को हां करना ठीक नहीं है।


लोन लेने से पहले कुछ से पूछें कुछ सवाल

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आपको लोन लेने से पहले कुछ सवाल खुद से पूछने की जरूरत है। पहला सवाल, मैं लोन को कितना जल्द चुका सकता हैं? इसकी वजह यह है कि आप जितने कम समय के लिए लोन लेंगे, आपको उतना कम इंटरेस्ट चुकाना होगा। सिर्फ लोन की EMI देखकर आपको लोन के ऑफर को हां करने से नुकसान हो सकता है। लोन की अवधि ज्यादा होने पर EMI कम हो जाती है। लेकिन, उस पर आपको ज्यादा इंटरेस्ट चुकाना पड़ता है।

ऐप के जरिए लोन लेने में बरते खास सावधानी

सिर्फ बैंक या एनबीएफसी से लोन लेना ठीक है। अगर आप किसी ऐप के जरिए लोन के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो आपको यह पता कर लेना जरूरी है कि वह आरबीआई के पास रजिस्टर्ड है या नहीं। आरबीआई की एप्रूव्ड डिजिटल लेंडिंग ऐप की डायरेक्टरी है। इस डायरेक्टरी से एनबीएफसी के बारे में पता किया जा सकता है। आपको लोन ऐप के इस्तेमाल में भी सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर लोन ऐप आपसे कॉन्टैक्ट्स, फोटो या कॉल लॉग का एक्सेस मांगता है तो फिर सावधान हो जाना जरूरी है।

बैंक ग्राहक की क्रेडिट हिस्ट्री भी चेक करता है

बैंक या एनबीएफसी आपके आधार का इस्तेमाल डिजिटल केवायसी के लिए करते हैं। आप ओटीपी के जरिए ऑथेंटिकेट कर सकते हैं या क्विक वीडियो वेरिफिकेशन के जरिए भी केवायसी करा सकते हैं। इसके लिए आपको पैन तैयार करना रखना होगा। बैंक या एनबीएफसी ग्राहक की क्रेडिट हिस्ट्री चेक करते हैं।

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प्रोसेसिंग, लेट फीस, प्रीपेमेंट चार्ज से लोन महंगा हो जाता है

वे पैन के जरिए ग्राहक की क्रेडिट हिस्ट्री चेक करते हैं। लोन के ऑफ को हां करने से पहले इंटरेस्ट रेट, प्रोसेसिंग फी, लेट चार्ज और प्रीपेमेंट चार्ज के बारे में भी जान लेना जरूरी है। 20,000 रुपये का लोन इंटरेस्ट और दूसरी फीस चुकाने के बाद 25,000 रुपये का हो जाता है। लोन का पैसा सीधे आपके अकाउंट में आना चाहिए।

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