Advance Tax Deadline: फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए एडवांस टैक्स की तीसरी किश्त जमा करने की आखिरी तारीख 15 दिसंबर है। समय पर पेमेंट नहीं करने पर इनकम टैक्स अधिनियम 1961 के तहत ब्याज और पेनल्टी दोनों लग सकती हैं। एडवांस टैक्स वह टैक्स है जिसे पूरे साल में किश्तों में भरा जाता है। ये एक साथ रिटर्न भरते समय एकसाथ नहीं दिया जाता है। इसलिए 15 दिसंबर की डेट खास है, क्योंकि तब तक कुल टैक्स देनदारी का 75% हिस्सा जमा होना जरूरी है।
क्या होता है एडवांस टैक्स?
अगर आपकी कुल सालाना टैक्स देनदारी (TDS काटने के बाद) 10,000 रुपये या उससे ज्यादा बनती है, तो आपको एडवांस टैक्स भरना अनिवार्य है। इसे चार किश्तों में जमा किया जाता है:
15 सितंबर: 45% (कुल मिलाकर)
15 दिसंबर: 75% (कुल मिलाकर)
इसका मतलब है कि 15 दिसंबर तक फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के अनुमानित टैक्स का तीन-चौथाई हिस्सा सरकार को मिल जाना चाहिए।
किसे भरना होता है एडवांस टैक्स?
सैलरी वाले कर्मचारी, जिनकी सैलरी के अलावा अन्य इनकम हो।
TDS केवल सैलरी पर कटता है, दूसरी आय पर आपको खुद एडवांस टैक्स भरना होता है।
डॉक्टर, वकील, कंसल्टेंट, CA, फैशन डिजाइनर, फ्रीलांसर आदि।
छोटे-बड़े बिजनेस मालिक और ट्रेडर्स
जो स्टॉक, म्यूचुअल फंड, F&O, क्रिप्टो या डेट इंस्ट्रूमेंट्स से कमाई करते हैं।
आपको एडवांस टैक्स नहीं देना पड़ेगा यदि TDS के बाद आपकी टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से कम है। आप 60 वर्ष से अधिक उम्र के निवासी सीनियर सिटिजन हैं और कोई व्यवसाय/प्रोफेशन नहीं करते। आपकी पूरी आय पर पहले से TDS कट चुका है।
कैसे करें एडवांस टैक्स की गणना?
पूरे साल की अनुमानित आय जोड़ें।
छूट और कटौती (deductions) घटाएं।
टैक्स स्लैब लगाकर कुल टैक्स निकालें।
यदि बैलेंस अमाउंट 10,000 रुपये या अधिक है, तो एडवांस टैक्स भरना होगा।
ड्यू डेट मिस की तो क्या होगा?
15 दिसंबर तक 75% टैक्स जमा नहीं किया तो विभाग सेक्शन 234B और 234C के तहत ब्याज वसूल करेगा। फ्रीलांसर, कंसल्टेंट, ट्रेडर्स और कैपिटल-गेन कमाने वालों के लिए यह ब्याज काफी भारी साबित हो सकता है।