AI in Home Loan: AI अब भारत के लेंडिंग सेक्टर को पूरी तरह बदल रहा है। खासकर होम लोन सेक्टर में, जो पहले कागजी कार्रवाई और लंबी प्रक्रियाओं से भरा होता था। अब यह काफी तेज, स्मार्ट और आसान हो गया है।
AI in Home Loan: AI अब भारत के लेंडिंग सेक्टर को पूरी तरह बदल रहा है। खासकर होम लोन सेक्टर में, जो पहले कागजी कार्रवाई और लंबी प्रक्रियाओं से भरा होता था। अब यह काफी तेज, स्मार्ट और आसान हो गया है।
फिनटेक कंपनियां और लेंडर्स बड़े लैंग्वेज मॉडल्स का इस्तेमाल करके लोन अंडरराइटिंग को ऑटोमेट कर रहे हैं। वे अलग तरह के फाइनेंशियल डेटा का एनालिसिस कर रहे हैं। सही क्रेडिट निर्णय तुरंत दे रहे हैं। इससे लोन प्रोसेसिंग का समय करीब 40% तक कम हो गया है।
AI से घर खरीदारों को कैसे फायदा
AI की मदद से अब उधारकर्ताओं को उनके हिसाब से पर्सनलाइज्ड होम लोन ऑफर मिलते हैं। इनमें लचीली EMI, बदलती ब्याज दरें और उनकी लाइफस्टाइल के हिसाब से AI-बेस्ड सलाह शामिल होती है।
साथ ही, AI धोखाधड़ी पकड़ने और नियमों का पालन तय करने में भी मदद करता है। यह लेंडर्स को जाली दस्तावेज पहचानने और संदिग्ध लेनदेन पर नजर रखने में सक्षम बनाता है। बैंक, NBFCs और फिनटेक्स AI-फर्स्ट मॉडल अपना रहे हैं।, वे न केवल अपनी कुशलता बढ़ा रहे हैं बल्कि उन लोगों तक भी क्रेडिट पहुंचा रहे हैं जिन्हें पहले इसका लाभ नहीं मिलता था।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल आज लगभग हर सेक्टर में तेजी से बढ़ रहा है। हेल्थकेयर में AI बीमारियों की शुरुआती पहचान, डायग्नोसिस और ड्रग डेवलपमेंट में मदद कर रहा है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में यह प्रोडक्शन ऑप्टिमाइजेशन, मशीन मेंटेनेंस और क्वालिटी कंट्रोल में उपयोगी साबित हो रहा है। बैंकिंग और फाइनेंस में यह क्रेडिट स्कोरिंग, फ्रॉड डिटेक्शन और ऑटोमेटेड लोन अप्रूवल के लिए इस्तेमाल हो रहा है। अब होम लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए AI आ गया है।
HOM-i लोन लेने में करेगा मदद
होम लोन देने वाली BASIC Home Loan ने HOM-i लॉन्च किया है। यह एक AI-बेस्ड होम लोन असिस्टेंट प्लेटफॉर्म है, जो होमबायर्स को सही लेंडर्स के साथ तुरंत जोड़कर फैसला लेने में मदद करता है। यह प्लेटफॉर्म इंस्टेंट क्रेडिट चेक, प्रॉपर्टी वैल्यूएशन, APF स्टेटस ट्रैकिंग और व्यक्तिगत लेंडर सिफारिशें मल्टी-लिंगुअल AI इंटरफेस के जरिए सर्विस देता है।
HOM-i 100+ लेंडर्स और 15,000+ लेंडर-बिल्डर कॉम्बिनेशंस के साथ इंटीग्रेट है। इससे डेटा-डिसीजन तेजी से लिए जा सकते हैं। पारंपरिक प्लेटफॉर्म और डिजिटल मार्केटप्लेस के उलट HOM-i जेनरेटिव AI का इस्तेमाल करता है। यह जरूरी चीजें याद रखता है और वीडियो इंटरैक्शन सहित एंड-टू-एंड गाइडेंस देता है।
छोटे शहरों में आसान होम लोन एक्सेस
HOM-i खासतौर पर पहली बार लोन लेने वाले टियर 2 और 3 शहरों के यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है। यह हिंदी, इंग्लिश और हिंग्लिश में बातचीत कर सकता है। कंपनी इसे तमिल, तेलुगू, बंगाली और मराठी में भी लाने का प्लान बना रही है। यूजर्स HOM-i से वॉइस, टेक्स्ट या वीडियो के माध्यम से इंटरैक्ट कर सकते हैं। यह पिछली बातचीत को याद रखता है। इससे नए होमबायर्स को पात्रता समझने, पर्सनल गाइडेंस हासिल करने और 24 घंटे में अप्रूवल लेने की सुविधा मिलती है।

HOM-i सिर्फ होमबायर्स के लिए नहीं है; यह बिल्डर्स और रियल एस्टेट इकोसिस्टम को भी सपोर्ट करता है। यह 15,000+ लेंडर-बिल्डर कॉम्बिनेशंस पर प्रशिक्षित है और तुरंत APF स्टेटस वेरिफाई कर सकता है। बिल्डर्स और डेवलपर्स के लिए इसका मतलब है तेज कन्वर्जन, कम रिजेक्शन रेट और लेंडिंग पार्टनर्स के साथ बेहतर तालमेल। इससे पारदर्शी और हेल्दी रियल एस्टेट इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।
इन सेक्टर में भी हो रहा AI का यूज
AI अब भारत के कई सेक्टरों में तेजी से इस्तेमाल हो रहा है। बैंकिंग और फाइनेंस में यह लोन प्रोसेसिंग, क्रेडिट असेसमेंट, फ्रॉड डिटेक्शन और पर्सनलाइज्ड ऑफर देने में मदद कर रहा है। होम लोन और रियल एस्टेट में अंडरराइटिंग ऑटोमेशन और वैकल्पिक डेटा के आधार पर तेज निर्णय लेने में काम आता है। हेल्थकेयर में मरीजों के डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट प्लान में AI की अहम भूमिका है।
ई-कॉमर्स और रिटेल में यह प्रोडक्ट रेकमेंडेशन, इन्वेंट्री मैनेजमेंट और कस्टमर सपोर्ट में इस्तेमाल होता है। फिनटेक और इंश्योरेंस में क्लेम प्रोसेसिंग और रिक्स असेसमेंट में मदद मिलती है। मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स में प्रोडक्शन प्लानिंग और सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन तेज हो रहा है। एजुकेशन और मीडिया में भी AI पर्सनलाइज्ड लर्निंग और कंटेंट क्रिएशन में काम आ रहा है।
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