एक तरफ जहां कंपनियां खर्च घटाने के लिए एंप्लॉयीज की संख्या घटा रही हैं, वही दूसरी तरफ कुछ कंपनियां बहुत मोटी सैलरी ऑफर कर रही हैं। हम बात कर रहे हैं एआई चिप बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एनवीडिया की। यह कंपनी पर्सनल कंप्यूटर्स के लिए नया एआई चिप बनाने जा रही है। इसके लिए यह इंजीनियर्स को जो सैलरी ऑफर कर रही है, उसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। खास बात यह कि इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी विदेशी आईटी इंजीनियर्स की सेवाएं लेगी। इसके लिए वह एच-1बी वीजा के जरिए इंजीनियर्स की भर्ती करेगी।
NVIDIA ने बढ़ाया एच-1बी वीजा का अपना कोटा
मिंट ने बिजनेस इनसाइडर के डेटा के हवाले से इस बारे में बताया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में इमिग्रेशन के सख्त नियमों की वजह से जब कई दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियां विदेशी प्रोफेशनल्स की हायरिंग घटा रही हैं तब NVIDIA ने एच-1बी वीजा का अपना कोटा बढ़ाया है। एनवीडिया एआई चिप बनाने वाली दुनिया की दिग्गज कंपनियों में सबसे आगे हैं।
एनवीडिया को अब भी विदेशी टैलेंट पर ज्यादा भरोसा
फेडरल लेबर फाइलिंग्स जिसे मिंट ने देखा है, उसके मुताबिक, एनवीडिया ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की शुरुआती दो तिमाहियों के लिछए करीब 1,200 एच-1बी वीजा पोजीशन के लिए सर्टिफिकेशन हासिल किया है। एक साल पहले की समान अवधि में 1,000 के मुकाबले यह 20 फीसदी ज्यादा है। यह इस बात का संकेत है कि अमेरिका में इमिग्रेशन के सख्त नियमों के बावजूद टेक्नोलॉजी कंपनियों को दूसरे देशों के इंजीनियर्स और प्रोफेशनल्स की जरूरत है।
इन कंपनियों ने एच-1बी वीजा कोटा घटाया
मिंट की खबर में बताया गया है कि एनवीडिया का यह हायरिंग प्लान दूसरी टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्लान के उलट है। हालिया तिमाही के दौरान गूगल की एप्रूव्ड एच-1बी वीजा हायरिंग घटकर करीब 2,200 पर आ गई। एक साल पहले की समान अवधि में यह 5,100 थी। एमेजॉन का एप्रूवल 6,100 से घटकर 4,300 पर आ गया। एच-1बी वीजा के जरिए होने वाली एनवीडिया की इस हायरिंग से पता चलता है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, चिप डिजाइन, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और एडवान्स्स कंप्यूटिंग जैसे कामों के लिए उसका फोकस दुनिया के बेस्ट टैलेंट को अट्रैक्ट करने पर है।
एनवीडिया की स्ट्रेटेजी में ग्लोबल हायरिंग का बड़ा रोल
बिजनेस इनसाइडर ने बताया है कि एनवीडिया के सीईओ जेनसेन हुआंग ने कई बार कंपनी की ग्रोथ के लिए विदेशी टैलेंट को जरूरी बताया है। इस वजह से कंपनी की स्ट्रेटेजी में ग्लोबल हायरिंग का बड़ा रोल है। बिजनेस इनसाइडर ने यह भी कहा है कि एच-1बी फाइलिंग में सिर्फ बेस सैलरीज की जानकारी है। इसमें स्टॉक अवॉर्ड्स, बोनस या इस तरह के दूसरे इनसेंटिव शामिल नहीं हैं। एनवीडिया में एंप्लॉयीज के सैलरी पैकेज में इनकी ब़़ड़ी हिस्सेदारी होती है।
एआई रिसर्चर्स की बेस सैलरीज 4 करोड़ रुपये से ज्यादा
बिजनेस इनसाइडर ने यह भी बताया है कि एनवीडिया में एआई रिसर्चर्स की बेस सैलरीज 4 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। मिंट ने बताया है कि चिप इंजीनियरिंग और सिस्टम्स आर्किटेक्टर में भी कंपनसेशन काफी ज्यादा होती है, जिससे नेक्स्ट जेनरेशन एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने वाले सीनियर स्पेशियलिस्ट्स की सैलरी 4 करोड़ रुपये के पार निकल जाती है।