फूड एग्रीगेटर स्विगी (Swiggy) और फिनेटक खिलाड़ी ज्यूपिटर (Jupiter) के लिए प्रोडक्ट्स बनाने वाले अनुज राठी ने इस साल के शुरू में ट्रैवल सेगमेंट में संभावनाएं तलाशने का फैसला किया था। उनकी योजना ऐसे सॉल्यूशंस तैयार करने की थी, जिससे भारतीय लोगों को बेहतर ढंग से ट्रैवल करने में मदद मिल सके। जब उन्होंने फ्लिपकार्ट के ट्रैवल ऐप क्लियरट्रिप (Cleartrip) में बतौर चीफ बिजनेस एंड ग्रोथ ऑफिसर ज्वाइन किया था, तो उन्होंने वहां शुरू में 'बस पास' नामक प्रोडक्ट बनाया। यह प्रोडक्ट स्विगी के सब्सक्रिप्शन प्रोग्राम 'स्विगी वन' से प्रेरित था।
'बस पास' 150 रुपये में उपलब्ध है और ट्रैवलर ज्यादा से ज्यादा 5 बुकिंग कर सकते हैं। यह पास 90 दिनों के लिए वैलिड होता है। उन्होंने बताया, 'मैंने स्विगी सुपर (मेंबरशिप प्रोग्राम) और स्विगी वन लॉन्च किया था। स्विगी और ज्यूपिटर के दिनों में मैंने जो सीखा, मुझे उम्मीद है कि मैं उसका इस्तेमाल इन सेक्टरों में करूंगा। हालांकि, सेक्टर काफी अलग-अलग हैं। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स जैसी हाई फ्रीक्वेंसी कैटेगरी के लिए मेंबरशिप बेहतर तरीके से काम करता है। ट्रैवल जैसी लो फ्रीक्वेंसी कैटेगरी के लिए पास बेहतर काम करता है।' क्लियरट्रिप के मुताबिक, बस पास के जरिये बस बुकिंग की हिस्सेदारी 25-30 पर्सेंट रही।
राठी ने बताया, ' अगर ग्राहक हमारे पास आते हैं और उन्होंने इस पास का इस्तेमाल करना शुरू किया, तो मुझे लगता है कि ग्राहक अपनी सभी बस यात्राएं हमारे साथ करेंगे। यही वजह है कि ऐसे कुछ प्रोडक्ट्स में जबरदस्त संभावनाएं हैं।' राठी का मानना है कि ट्रैवल ऐप के लिए बस और ट्रेन सेगमेंट में जबरदस्त संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया, ' भारत से बाहर जाने वाले डोमेस्टिक कस्टमर्स की संख्या 4.3-4.4 लाख है। हालांकि, बसों के मामले में 45 लाख ट्रैवलर हैं। यह फ्लाइट्स के मुकाबले 10 गुना ज्यादा है। जहां तक ट्रेन का सवाल है, तो ऐसे कस्टमर्स की संख्या 17-18 लाख है। हालांकि, सिर्फ 5 लाख बस ट्रैवलर ऑनलाइन टिकट खरीदते हैं। लिहाजा, अभी भी काफी लोग ऑनलाइन टिकट नहीं खरीद रहे हैं और हमें यहीं अवसर दिख रहा है।'
इस ट्रैवल प्लेटफॉर्म को फेस्टिव सीजन से काफी बेहतर उम्मीदे हैं। राठी ने कहा, 'दुर्गा पूजा के मद्देनजर कोलकाता जैसे ठिकानों के लिए बुकिंग में पिछले साल के मुकाबले 10 पर्सेंट की बढ़ोतरी दिख रही है। लिहाजा, वॉल्यूम और वैल्यू, दोनों स्तरों पर ग्रोथ देखने को मिल रही है। दिवाली के लिए भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।'