Financial Changes April 2025: अप्रैल 2025 में कई बड़े वित्तीय बदलाव होने वाले हैं, जिनका असर पूरे साल के दौरान आपकी जेब पर दिख सकता है। सबसे पहले बजट 2025 में घोषित बड़े टैक्स कट्स 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे। साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) 7 से 9 अप्रैल के बीच बैठक करेगी। इसमें रेपो रेट में कटौती होने की काफी संभावना है, जिसका होम लोन EMI पर सीधा असर दिखेगा। आइए, अप्रैल में होने वाले इन महत्वपूर्ण बदलावों पर नजर डालते हैं।
नई टैक्स व्यवस्था से टैक्स बोझ होगा कम
ओल्ड टैक्स रीजीम धीरे-धीरे अपनी अपनी चमक खो रही है, क्योंकि न्यू टैक्स रीजीम अब सीधी छूट के साथ कई टैक्सपेयर्स के लिए अधिक आकर्षक बन गई है। खासकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में इनकम टैक्स छूट की लिमिट बढ़ाकर 12 लाख तक करने के बाद। बजट की घोषणाएं 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, FY24 में 72% करदाताओं ने नई कर व्यवस्था को चुना था। बजट 2025 में दी गई रियायतों से यह संख्या और बढ़ सकती है। Deloitte India के अनुसार अब इनकम टैक्स में भारी फायदा होगा।
RBI ने फरवरी 2025 में 25 बेसिस प्वाइंट (bps) घटाकर रेपो रेट 6.25% कर दिया था। यह करीब पांच साल में पहली दफा था, जब रेपो रेट में कटौती हुई थी। फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.61% पर आ गई, जो पिछले सात महीनों में सबसे कम थी और RBI के 4% लक्ष्य से नीचे थी। इस वजह से आर्थिक जानकार अप्रैल में 25 बेसिस प्वाइंट की और कटौती की उम्मीद कर रहे हैं।
Reuters के 18-27 मार्च के बीच किए गए पोल में 60 में से 54 अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया कि 9 अप्रैल को RBI अपनी रेपो रेट घटाकर 6% तक कर सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो मौजूदा होम लोन लेने वालों की ब्याज दरें कम हो सकती हैं। हालांकि, BankBazaar के अनुसार, कुछ निजी बैंक अभी भी नए होम लोन पर पूरी दर कटौती का लाभ नहीं दे रहे हैं।
DigiLocker में निवेश स्टेटमेंट स्टोर
1 अप्रैल 2025 स, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड के निवेशक अपने डीमैट खातों और कंसॉलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट (CAS) से होल्डिंग स्टेटमेंट को सीधे DigiLocker में स्टोर कर सकेंगे। यह सुविधा मार्केट रेगुलेटर SEBI ने शुरू की है। इसका मकसद unclaimed assets को कम करना और निवेशकों को उनकी इन्वेस्टमेंट डिटेल तक आसान एक्सेस देना है।
DigiLocker ऐप में निवेशक अपने डेटा एक्सेस नॉमिनी को नामित कर सकते हैं। यूजर की मृत्यु के बाद नॉमिनी को रीड-ओनली एक्सेस (केवल पढ़ने की अनुमति) मिलेगी। इससे कानूनी उत्तराधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय जानकारी सुलभ रहेगी।