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महंगाई के दौर में 40% लोन EMI ने उड़ाई नींद? इस स्मार्ट नियम से परिवार की खुशी रखें सुरक्षित!

घर की आय का 30-40% से ज्यादा EMI पर खर्च करना वित्तीय दबाव और बचत की कमी ला सकता है। इस सीमा में रहकर EMI मैनेज करना परिवार की आर्थिक सेहत और भविष्य की सुरक्षा के लिए स्मार्ट नियम माना जाता है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Jan 22, 2026 पर 4:04 PM
महंगाई के दौर में 40% लोन EMI ने उड़ाई नींद? इस स्मार्ट नियम से परिवार की खुशी रखें सुरक्षित!

आज के दौर में घर, गाड़ी या शिक्षा के लिए लोन लेना आम बात हो गई है। लेकिन लोन की EMI (Equated Monthly Installment) अगर आपकी आय का बड़ा हिस्सा खा जाए, तो यह धीरे-धीरे वित्तीय संकट में बदल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि घर की कुल आय का 30-40% से अधिक EMI पर खर्च करना खतरनाक हो सकता है।

क्यों है यह नियम जरूरी?

मान लीजिए किसी परिवार की मासिक आय 1 लाख रुपये है। अगर वे 30-40 हजार रुपये तक EMI भरते हैं, तो बाकी रकम से घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल जरूरतें और बचत आराम से हो सकती है। लेकिन अगर EMI 60-70 हजार तक पहुंच जाए, तो रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो जाएगा और बचत लगभग खत्म हो जाएगी।

फायदे:

- EMI को आय के 30-40% तक सीमित रखने से परिवार के पास आपातकालीन खर्चों के लिए पर्याप्त पैसा बचता है।

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