EMI से हैं परेशान? Debt-to-Income Ratio बताएगा कितना कर्ज है सुरक्षित

आज के समय में घर का लोन, कार की EMI, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड बिल हर महीने की सैलरी का बड़ा हिस्सा खा जाते हैं। नतीजा यह होता है कि महीने की शुरुआत में ही जेब खाली महसूस होने लगती है और बाकी खर्चों के लिए हाथ तंग पड़ जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कितना कर्ज लेना सही है? इसका जवाब देता है Debt-to-Income Ratio (DTI)।

अपडेटेड Jan 31, 2026 पर 11:07 PM
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हर महीने की सैलरी का बड़ा हिस्सा अगर EMI में चला जाता है और बाकी खर्चों के लिए हाथ तंग पड़ने लगता है, तो यह तनाव का कारण बन सकता है। घर का लोन, कार की किस्त, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड बिल मिलकर बजट को बिगाड़ देते हैं। ऐसे हालात में यह समझना जरूरी है कि आखिर कितना कर्ज लेना सही है। इसका जवाब देता है Debt-to-Income Ratio (DTI)।

DTI क्या है?

यह आपकी मासिक आय और कुल EMI के बीच का अनुपात है। इसे निकालने का फॉर्मूला है:

कुल EMI ÷ मासिक आय × 100।

उदाहरण के लिए, अगर आपकी मासिक आय ₹50,000 है और EMI ₹20,000 है, तो आपका DTI होगा 40%।


क्यों है यह अहम?

DTI आपकी वित्तीय सेहत का बैरोमीटर है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह अनुपात 40% से ऊपर चला जाए, तो यह आपके बजट और भविष्य की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है। इसका मतलब है कि आपकी आय का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में जा रहा है और बचत या अन्य खर्चों के लिए जगह नहीं बच रही।

कैसे मिलेगी राहत?

- समय-समय पर DTI जांचें ताकि पता चले कि कर्ज का बोझ बढ़ रहा है या नहीं।

- अगर अनुपात ज्यादा है, तो नए लोन लेने से बचें और पुराने कर्ज को जल्द चुकाने की कोशिश करें।

- बजट प्लानिंग में DTI मदद करता है, जिससे आप अपनी आय का सही इस्तेमाल कर पाते हैं।

कई लोग सपनों को पूरा करने के लिए बिना सोचे-समझे लोन ले लेते हैं घर खरीदना, कार लेना या अचानक खर्चों के लिए पर्सनल लोन। लेकिन जब हर महीने की सैलरी का बड़ा हिस्सा EMI में चला जाता है, तो तनाव बढ़ता है और जीवन की खुशियां कम हो जाती हैं। Debt-to-Income Ratio आपको यह सोचने पर मजबूर करता है कि सपनों को पूरा करने के साथ-साथ वित्तीय संतुलन भी उतना ही जरूरी है।

DTI सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय सेहत का आईना है। अगर आप चाहते हैं कि EMI का बोझ आपकी जिंदगी पर हावी न हो, तो हर लोन लेने से पहले DTI जरूर जांचें। यह आदत आपको तनाव से बचाएगी और आपके भविष्य को सुरक्षित बनाएगी।

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