Atal Pension Yojana: केंद्र सरकार ने आम लोगों के राहत दी है। केंद्र सरकार ने असंगठित सेक्टर के करोड़ों कामगारों के लिए राहत भरा फैसला लिया है। यूनियन कैबिनेट ने बुधवार को अटल पेंशन योजना (APY) को फाइनेंशियल ईयर 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना के प्रमोशन, विकास और गैप-फंडिंग के लिए सरकारी मदद भी बढ़ाई गई है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद बुढ़ापे में इनकम सेफ्टी को मजबूत करना और देश में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाना है। खासकर वे लोग, जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और जिनके पास रिटायरमेंट के बाद नियमित इनकम का कोई साधन नहीं होता।
सरकारी बयान के मुताबिक आगे भी जागरूकता अभियान, क्षमता निर्माण और अन्य विकास गतिविधियों के लिए फंडिंग जारी रहेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र लोग योजना से जुड़ सकें। साथ ही योजना को लंबे पीरियड की स्थिरता बनाए रखने के लिए गैप-फंडिंग भी दी जाएगी।
अटल पेंशन योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को हुई थी। इसका मकसद असंगठित क्षेत्र के कामगारों को निश्चित पेंशन का भरोसा देना है। इस योजना के तहत 60 साल की उम्र के बाद 1,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति मंथली तक की गारंटीड पेंशन मिलती है। पेंशन की अमाउंट व्यक्ति के योगदान और योजना में शामिल होने की उम्र पर निर्भर करती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 जनवरी 2026 तक इस योजना से 8.66 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। सरकार मानती है कि नामांकन की रफ्तार बनाए रखने और सही जानकारी दूर-दराज तक पहुंचाने के लिए नीति और वित्तीय समर्थन जरूरी है।
योजना को 2030-31 तक बढ़ाने से लोगों को लंबे समय के लिए भरोसा मिलेगा। यह फैसला विकसित भारत 2047 के टारगेट के अनुरूप है, जहां हर नागरिक के लिए सामाजिक सुरक्षा और पेंशन कवरेज को मजबूत किया जा रहा है।