Pension Scheme: अटल पेंशन योजना या PM मानधन, किस स्कीम में ज्यादा फायदा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Pension Scheme: अटल पेंशन योजना और PM मानधन दोनों बुढ़ापे की नियमित आमदनी के लिए सरकारी योजनाएं हैं। APY में ₹5,000 तक मासिक पेंशन मिल सकती है। PM मानधन में ₹3,000 पेंशन और सरकारी मैचिंग योगदान मिलता है। दोनों का पूरा कैलकुलेशन समझें।

अपडेटेड Aug 26, 2026 पर 7:03 AM
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PM श्रम योगी मानधन खास तौर पर असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए है।

Pension Scheme: हर कोई चाहता है कि बुढ़ापे में हर महीने एक तय रकम मिलती रहे, ताकि छोटी मोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े। लेकिन, बहुत से लोगों की कमाई इतनी ज्यादा नहीं होती कि वो रिटायरमेंट के लिए बड़ी बचत कर पाएं। उनके लिए सरकार की दो योजनाएं काफी काम की हैं।

पहली है अटल पेंशन योजना (APY) और दूसरी प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM)। दोनों में 60 साल के बाद पेंशन मिलती है। लेकिन दोनों की शर्तें और फायदा अलग है। इसलिए सिर्फ पेंशन की रकम देखकर फैसला करना ठीक नहीं होगा।

अटल पेंशन योजना क्या है?


अटल पेंशन योजना में 18 से 40 साल की उम्र में खाता खोला जा सकता है। इसमें 60 साल की उम्र के बाद ₹1,000 से ₹5,000 महीने तक की गारंटीड पेंशन मिलती है। कितना योगदान करना है, यह आपकी उम्र और चुनी गई पेंशन पर निर्भर करता है। 1 अक्टूबर 2022 से जो व्यक्ति इनकम टैक्स देता है या पहले टैक्सपेयर रह चुका है, वह नया APY खाता नहीं खोल सकता।

इसमें एक और बड़ा फायदा है। खाताधारक की मृत्यु के बाद पति या पत्नी को वही पेंशन मिलती रहती है। पति या पत्नी दोनों की मृत्यु के बाद पेंशन वेल्थ नॉमिनी को वापस मिलती है।

₹5,000 पेंशन के लिए कितना देना होगा?

मान लीजिए आपकी उम्र 18 साल है और आप 60 साल के बाद ₹5,000 महीने की पेंशन चाहते हैं। इसके लिए आपको ₹210 महीने जमा करने होंगे।

यानी साल में ₹2,520। अगर 42 साल तक यही योगदान चलता है, तो आपकी अपनी कुल जमा रकम करीब ₹1.06 लाख होगी। इसके बदले 60 साल के बाद ₹5,000 महीने की गारंटीड पेंशन मिलेगी।

PM मानधन क्या है?

PM श्रम योगी मानधन खास तौर पर असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए है। इसमें 18 से 40 साल की उम्र के ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं जिनकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम है। व्यक्ति EPFO, ESIC या NPS के तहत कवर नहीं होना चाहिए और इनकम टैक्सपेयर भी नहीं होना चाहिए।

इसमें 60 साल की उम्र के बाद ₹3,000 महीने की गारंटीड पेंशन मिलती है। सबसे खास बात यह है कि जितना पैसा आप जमा करते हैं, उतना ही पैसा केंद्र सरकार भी जमा करती है।

यहां सरकार भी आपके साथ पैसा लगाती है

मान लीजिए कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में PM मानधन से जुड़ता है। उसे हर महीने ₹55 जमा करने होंगे। सरकार भी ₹55 जमा करेगी। यानी खाते में हर महीने कुल ₹110 का योगदान होगा। 60 साल की उम्र तक व्यक्ति अपनी तरफ से करीब ₹27,720 जमा करेगा। सरकार की तरफ से भी इतनी ही रकम जुड़ेगी।

अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र में योजना से जुड़ता है, तो उसका अपना योगदान ₹200 महीने होगा। सरकार भी ₹200 देगी। लेकिन उसे सिर्फ 20 साल तक योगदान करना होगा।

दोनों योजनाओं की सीधी तुलना

पैमाना अटल पेंशन योजना
PM श्रम योगी मानधन
उम्र 18-40 साल 18-40 साल
60 साल के बाद पेंशन ₹1,000-₹5,000 ₹3,000
शुरुआती योगदान ₹42 महीने से ₹55 महीने से
अधिकतम पेंशन ₹5,000 ₹3,000
सरकार का योगदान नियमित मैचिंग योगदान नहीं आपके योगदान के बराबर
मुख्य लक्ष्य व्यापक सामाजिक सुरक्षा असंगठित क्षेत्र के कामगार
इनकम टैक्सपेयर नया खाता नहीं खोल सकते पात्र नहीं
पति/पत्नी का फायदा समान पेंशन 50% पेंशन

30 साल की उम्र में कौन बेहतर?

अब एक आसान उदाहरण लेते हैं। मान लीजिए आपकी उम्र 30 साल है। APY में अगर आप ₹5,000 महीने की पेंशन चुनते हैं, तो योगदान करीब ₹577 महीने है। यानी साल में ₹6,924। 30 से 60 साल तक करीब ₹2.08 लाख आपकी तरफ से जमा होंगे।

PM मानधन में 30 साल की उम्र पर आपका योगदान ₹105 महीने है। सरकार भी ₹105 देगी। यानी आपकी जेब से साल में ₹1,260 जाएंगे। 30 साल तक आपकी अपनी कुल जमा करीब ₹37,800 होगी। इसके बाद 60 साल की उम्र पर ₹3,000 महीने की पेंशन मिलेगी।

फिर कौन सी स्कीम बेहतर?

अगर आपका लक्ष्य ज्यादा पेंशन है और आप पात्र हैं, तो APY ज्यादा आकर्षक है। इसमें अधिकतम ₹5,000 महीने की गारंटीड पेंशन मिलती है। साथ ही पति या पत्नी को भी वही पेंशन मिलती है।

अगर आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और ₹15,000 या उससे कम कमाते हैं, तो PM मानधन काफी मजबूत विकल्प है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि आपके योगदान के बराबर पैसा सरकार भी लगाती है।

लेकिन दोनों योजनाओं में पैसा लंबे समय तक लगाना होता है। इसलिए उम्र और पात्रता देखकर ही चुनाव करना बेहतर है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

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