आयुष्मान भारत योजना ने अब तक 9.19 करोड़ से ज्यादा मरीजों को इलाज मुहैया कराया है, जिनमें से 52% लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। इस सरकारी हेल्थ इंश्योरेंस योजना के तहत हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है, जिसका खर्च सरकार उठाती है। सबसे अधिक उपयोग हेमोडायलिसिस (किडनी फेल्योर) के इलाज में हुआ है, जो इस योजना का 14% हिस्सा है। आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सुनिश्चित और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है, जिसमें सरकारी और निजी अस्पताल दोनों शामिल हैं।
पिछले वर्षों में आयुष्मान कार्ड धारकों की संख्या 40.45 करोड़ से अधिक हो गई है, जिनमें 14.69 करोड़ परिवार शामिल हैं। इस योजना की प्रमुख विशेषता यह है कि लाभार्थी किसी भी पैनल अस्पताल में कैशलेस इलाज करा सकते हैं, चाहे वे अपने राज्य में हों या कहीं और। इस योजना से गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य देखभाल का लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।
इस योजना के तहत इलाज के लिए 1,400 से अधिक प्रोसीजर्स कवर किए गए हैं, जिसमें गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय रोग, और अंग प्रत्यारोपण भी शामिल हैं। साथ ही, अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद 15 दिनों तक की देखभाल और दवाओं का खर्च भी योजना में शामिल है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो पूरी तरह सरकार द्वारा वित्त पोषित है और इसका मकसद गरीब और वंचित परिवारों को स्वास्थ्य संकट से बचाना है। इस योजना के तहत अब तक करोड़ों गरीबों को मुफ्त इलाज मिला है, जिससे भारत में स्वास्थ्य सेवा में एक नया युग शुरू हो चुका है।
आयुष्मान भारत योजना ने देश के कमजोर वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराकर सामाजिक सुरक्षा में क्रांतिकारी भूमिका निभाई है। इस योजना की सफलता से सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आने वाले खर्चों को कम किया तो वहीं आम जनता को बेहतर जीवन का भरोसा दिया है।