Bank Holiday: मकर संक्रांति पर 14 या 15 जनवरी, कब रहेगी बैंकों की छुट्टी? कंफ्यूजन हुआ दूर

Makar Sankranti 2026 Date: मकर संक्रांति के साथ ही सूर्यदेव उत्तरायण हो जाते हैं, जिसे शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर खिचड़ी, गुड़ के लड्डू और उड़द की दाल के दान का विशेष महत्व है। विष्णु पुराण का हवाला देते हुए ज्योतिषाचार्यों ने बताया है कि इस दिन चावल का दान करने से पुण्य मिलते हैं और आप दोषमुक्त होते हैं

अपडेटेड Jan 13, 2026 पर 1:25 PM
Bank Holiday: मकर संक्रांति पर 14 या 15 जनवरी को कब रहेगी बैंकों की छुट्टी? कंफ्यूजन हुआ दूर

मकर संक्रांति की सटीक तिथि को लेकर उत्तर प्रदेश में चल रहा असमंजस अब पूरी तरह खत्म हो गया है। योगी सरकार ने कैलेंडर में बड़ा संशोधन करते हुए 15 जनवरी 2026 को सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) की आधिकारिक घोषणा कर दी है। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद अब प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और बैंकों में गुरुवार, 15 जनवरी को छुट्टी रहेगी। पहले ये छुट्टी 14 जनवरी को रहने वाली थी, क्योंकि आमतौर पर मकर संक्रांति पर इसी तारीख को मनाई जाती है।

सरकारी आदेश में बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव एसवीएस रंगा राव की ओर से जारी रिलीज के अनुसार, पहले मकर संक्रांति के लिए 14 जनवरी को 'निर्बन्धित अवकाश' (Restricted Holiday) तय किया गया था। हालांकि, ज्योतिषीय गणनाओं और जनभावनाओं पर विचार करने के बाद, सरकार ने इसे संशोधित कर दिया है। अब निगोशिएबुल इन्स्ट्रुमेन्ट एक्ट 1881 के तहत 15 जनवरी को 'सार्वजनिक अवकाश' (Public Holiday) घोषित किया गया है।


UP सरकार ने साफ किया है कि 17 नवंबर 2025 को जारी छुट्टियों की पुरानी लिस्ट को अब इस नए आदेश के अनुरूप ही संशोधित समझा जाए।

ज्योतिषीय गणित और पुण्य काल का महत्व

त्योहार की तारीख बदलने के पीछे मुख्य कारण सूर्य का राशि परिवर्तन है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल सूर्य देव धनु राशि से निकल कर रात्रि काल में मकर राशि में प्रवेश करेंगे।

'सिंधु निर्णय' और शास्त्रों की मान्यताओं के अनुसार, अगर संक्रांति रात में हो, तो उसका उत्सव और पुण्य काल अगले दिन मनाया जाता है। कई ज्योतिषाचार्यों का भी यही मानना है कि संक्रांति का असली पुण्य काल 15 जनवरी को ही रहेगा, जिसके कारण इसी दिन स्नान-दान का विधान श्रेष्ठ है।

आध्यात्मिक महत्व और दान की परंपरा

मकर संक्रांति के साथ ही सूर्यदेव उत्तरायण हो जाते हैं, जिसे शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर खिचड़ी, गुड़ के लड्डू और उड़द की दाल के दान का विशेष महत्व है। विष्णु पुराण का हवाला देते हुए ज्योतिषाचार्यों ने बताया है कि इस दिन चावल का दान करने से पुण्य मिलते हैं और आप दोषमुक्त होते हैं। स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना के लिए तिल और तेल के दान की भी सलाह दी गई है।

क्या है पूजा विधि, कैसे होगी भगवान विष्णु की कृपा?

भगवान विष्णु को पीला रंग बहुत प्रिय है, इसलिए पूजा के दौरान उन्हें पीले वस्त्र, पीले फूल और फल अर्पित करना सौभाग्यशाली माना जाता है। संक्रांति के दिन जप, तप, तर्पण और पवित्र नदियों में स्नान करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि निरोगी काया का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

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