Gold Silver Prices: सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, ETF भी टूटा; ये 5 कारण हैं जिम्मेदार

Gold Silver Prices: सोना और चांदी अचानक इतनी तेजी से क्यों टूट गए? क्या यह सिर्फ मुनाफावसूली है या आगे और बड़ी गिरावट का संकेत? फेड के रुख समेत 5 ऐसे कारण सामने आए हैं, जिन्होंने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Jun 23, 2026 पर 3:22 PM
गोल्ड और सिल्वर ETF भी लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए।

Gold Silver Prices: सोने और चांदी में मंगलवार को बड़ी गिरावट दिखी। यह ट्रेंड वैश्विक और घरेलू, दोनों बाजारों में दिखा। गोल्ड और सिल्वर ETF भी लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए। इसकी वजह फेडरल रिजर्व का रुख और भू-राजनीतिक घटनाक्रम हैं।

ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया का कहना है कि सितंबर में अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका है। वहीं, बैंक ऑफ अमेरिका ने 2026 में तीन बार ब्याज दर बढ़ने का अनुमान दिया है। इस फैक्टर ने भी निवेशकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

सोने और चांदी में कितनी गिरावट


गोल्ड दोपहर 2.40 बजे तक करीब 2100 रुपये यानी 1.42% की गिरावट के साथ 1,46,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। हालांकि, एक वक्त यह गिरकर 1,45,510 रुपये तक पर आ गया था। वहीं, चांदी 7300 रुपये यानी 3% से ज्यादा टूटकर 2,27,010 प्रति किलो पर थी। ये भी कारोबार के दौरान गिरकर 2,25,666 रुपये तक आ गई थी।

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें, तो वहां सोना करीब 2% गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। वहीं, चांदी में 5% से ज्यादा की गिरावट आई है। गोल्ड और सिल्वर ETF भी लगभग इतना ही टूटे हैं।

गोल्ड-सिल्वर गिरने के 5 बड़े कारण

फेडरल रिजर्व के कड़े संकेत: अमेरिकी सेंट्रल बैंक ने संकेत दिए हैं कि महंगाई को काबू में रखने के लिए इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। ब्याज दरें बढ़ने से निवेशक बॉन्ड्स में निवेश करना पसंद करते हैं। क्योंकि सोने-चांदी में ब्याज नहीं मिलता।

ब्याज दर बढ़ने का अनुमान: बैंक ऑफ अमेरिका ने 2026 में ब्याज दरों में तीन बार बढ़ोतरी का अनुमान दिया है। इसके चलते भी निवेशकों ने सोने और चांदी में बिकवाली बढ़ा दी है।

निवेशकों की मुनाफावसूली: ब्याज दर में बढ़ोतरी की आशंका से निवेशक गोल्ड और सिल्वर में मुनाफावसूली भी कर रहे हैं। गोल्ड-सिल्वर ETF में भी प्रॉफिट बुकिंग दिख रही है।

अमेरिकी डॉलर: डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी देखने को मिली है। डॉलर मजबूत होने से विदेशी मुद्रा रखने वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी महंगा हो जाता है। इससे ग्लोबल डिमांड पर असर दिखता है।

भू-राजनीतिक तनाव में कमी: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। इससे वैश्विक स्तर पर जोखिम में कुछ नरमी आई है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी से अपना पैसा निकाल रहे हैं।

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