Gold Silver Prices: ₹10500 सस्ती हुई चांदी, सोना ₹3000 टूटा; जानिए क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट
Gold Silver Prices: सोना और चांदी में आई ताजा गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। चांदी ₹10,500 और सोना ₹3,000 टूट गया। डॉलर की मजबूती, ब्याज दर बढ़ने की आशंका और वैश्विक संकेतों के बीच आगे कीमतें किस दिशा में जाएंगी, यह जानना अहम होगा।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका की वजह से सोने-चांदी पर दबाव बना हुआ है।
Gold Silver Prices: सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। विदेशी बाजारों में डॉलर मजबूत होने के कारण दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया। राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोना ₹3,000 टूटकर ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी ₹10,500 लुढ़ककर ₹2.35 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई।
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना 2% गिरकर ₹1,49,300 प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पहले सोना 27 मार्च को करीब इसी स्तर पर ₹1,47,800 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।
चांदी में और बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसकी कीमत 4.3% यानी ₹10,500 घटकर ₹2,35,000 प्रति किलो रह गई। यह दो महीने से ज्यादा समय का निचला स्तर है। इससे पहले 3 अप्रैल को चांदी ₹2,37,000 प्रति किलो पर थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
विदेशी बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 2% यानी 70.33 डॉलर टूटकर 4,121.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं चांदी 4% से ज्यादा गिरकर 62.27 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
सोना-चांदी क्यों टूट रहे हैं?
HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका की वजह से सोने-चांदी पर दबाव बना हुआ है। एनालिस्टों का कहना है कि फिलहाल डॉलर की मजबूती बुलियन बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च प्रमुख कायनात चैनवाला के अनुसार, सोमवार को अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की खबरों से सोने को थोड़ी राहत मिली थी। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं ने फिर से बाजार पर दबाव बना दिया।
फेडरल रिजर्व की चिंता बढ़ा रही दबाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी निवेशकों को परेशान कर रही है। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.15 पर पहुंच गया, जो मई 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
ट्रेडर्स अब एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना को कीमतों में शामिल कर रहे हैं। यही वजह है कि निवेशक सोने और चांदी से दूरी बना रहे हैं।
आगे क्या रह सकता है रुख?
LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी का कहना है कि डॉलर इंडेक्स 101 के ऊपर बने रहने से सोने पर दबाव जारी है। साथ ही अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है।
अब निवेशकों की नजर अगले हफ्ते आने वाले अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (NFP) और बेरोजगारी के आंकड़ों पर रहेगी। ये आंकड़े डॉलर और सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अब किस ओर जाएंगे दाम
जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, निकट भविष्य में सोना ₹1,44,500 से ₹1,48,500 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।
वहीं Augmont Bullion की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल चुका है। अब इसका अगला अहम सपोर्ट 4,050-4,100 डॉलर के बीच माना जा रहा है, जो घरेलू बाजार में करीब ₹1.43 लाख से ₹1.44 लाख प्रति 10 ग्राम के बराबर है।
चांदी भी 65 डॉलर का अहम स्तर तोड़ चुकी है। अब इसका अगला सपोर्ट 60-61 डॉलर प्रति औंस के बीच माना जा रहा है। भारतीय बाजार में यह स्तर करीब ₹2.15 लाख से ₹2.20 लाख प्रति किलो के बराबर बैठता है।
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