Bank Strike On 12 February: देश के सबसे बड़े बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने करोड़ों ग्राहकों को आगाह किया है कि 12 फरवरी को देशव्यापी बैंक हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। रॉयटर्स और अन्य समाचार एजेंसियों के अनुसार, SBI और IDBI जैसे बड़े बैंकों को बैंक यूनियनों से औपचारिक नोटिस मिल चुका है। हालांकि, रिजर्व बैंक (RBI) ने इस दिन कोई सरकारी छुट्टी घोषित नहीं की है और बैंक की शाखाएं खुली रहेंगी, लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण काउंटर से जुड़े काम जैसे कैश लेन-देन और चेक क्लियरिंग में काफी देरी हो सकती है।
आखिर क्यों सड़क पर उतर रहे हैं बैंककर्मी?
इस देशव्यापी हड़ताल के पीछे सबसे बड़ी वजह केंद्र सरकार द्वारा नोटिफाई किए गए चार नए लेबर कोड है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) और अन्य प्रमुख संगठनों का तर्क है कि ये नए कानून 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह लेंगे, जिससे मजदूरों और कर्मचारियों के मौलिक अधिकार कमजोर हो जाएंगे। यूनियनों का कहना है कि इन कोड्स के लागू होने से ट्रेड यूनियनों का रजिस्ट्रेशन मुश्किल हो जाएगा और प्रबंधन को कर्मचारियों पर मनमर्जी थोपने की छूट मिल जाएगी।
5-डे वर्क वीक के साथ वर्क-लाइफ बैलेंस की मांग
सिर्फ लेबर कोड ही नहीं, बल्कि बैंक कर्मचारी पिछले काफी समय से '5-डे वर्क वीक' (शनिवार की छुट्टी) की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ते मानसिक दबाव और काम के बोझ के बीच बेहतर 'वर्क-लाइफ बैलेंस' के लिए हफ्ते में दो दिन का अवकाश बेहद जरूरी है। इसके अलावा वेतन विसंगतियों और खाली पड़े पदों को भरने जैसे मुद्दे भी इस हड़ताल की आग में घी डालने का काम कर रहे हैं।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
बैंक ऑफ बड़ौदा ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में स्पष्ट किया है कि वे कामकाज को सुचारू रखने की कोशिश करेंगे, लेकिन हड़ताल की वजह से चेक क्लियरिंग, कैश डिपॉजिट और अन्य बैंकिंग कामकाज में देरी हो सकती है। अगर बैंक से आपका कोई जरूरी काम है, तो उसे 12 फरवरी से पहले निपटा लेना ही समझदारी होगी। राहत की बात यह है कि मोबाइल बैंकिंग, UPI और नेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं इस दौरान सुचारू रूप से चलती रहेंगी, जिससे आम आदमी को छोटे लेन-देन में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।