करीब 58 फीसदी ग्राहकों ने लिया है 10-50 लाख रुपये तक का होम लोन, बैंक ऑफ बड़ौदा की स्टडी

बैंकों के लोन पर बैंड ऑफ बड़ौदा की स्टडी के दिलचस्प नतीजें आए हैं। इससे पता चलता है कि 2018 के मुकाबले 2023 में व्हीकल्स लोन का टिकट साइज बढ़ा है। इस दौरान होम लोन के टिकट साइज में भी वृद्धि देखने को मिली है

अपडेटेड Feb 16, 2024 पर 6:00 PM
लोन के ट्रेंड को समझने के लिए यह स्टडी दिसंबर 2018 से सितंबर 2023 के बीच की गई।

बैंकों के कुल लोन में होम लोन की करीब 53 फीसदी हिस्सेदारी है। पर्सनल लोन की हिस्सेदारी (अकाउंट के लिहाज से) करीब 29 फीसदी है। उसके बाद व्हीकल लोन का नबंर है। इसकी हिस्सेदारी कुल लोन में 9.8 फीसदी है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) की एक स्टडी से यह जानकारी मिली है। यह स्टडी दिसंबर 2018 और सितंबर 2023 के बीच की गई। लोन के ट्रेंड को समझने के लिए यह स्टडी की गई। इस स्टडी के लिए इस पीरियड को इसलिए चुना गया, क्योंकि इस पीरियड की शुरुआत और अंत में रेपो रेट का लेवल एकसमान था।

सबसे ज्यादा आउटस्टैंडिंग होम लोन का

सितंबर 2023 में होम लोन सेगमेंट में सबसे ज्यादा करीब 53.5 फीसदी आउस्टैंडिंग लोन था। इसके बाद पर्सनल लोन, व्हीकल लोन, क्रेडिट कार्ड और कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन का नंबर था। होम लोन का आउटस्टैंडिंग लोन ज्यादा होने की वजह यह है कि इस लोन का टिकट साइज बड़ा होता है। कुल लोन में 6-9 फीसदी और 9-11 फीसदी इंटरेस्ट रेट बैंड्स वाले लोन की हिस्सेदारी ज्यादा थी।


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होम लोन में ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाले लोन का हिस्सा बढ़ा

ज्यादातर व्हीकल लोन की इंटरेस्ट रेट्स रेंज 6-11 फीसदी के बीच थी। दिसंबर 2018 में होम लोन का बड़ा हिस्सा 6-9 फीसदी इंटरेस्ट रेट्स बैंड में था। लेकिन, सितंबर 2023 में होम लोन का बड़ा हिस्सा 9-11 फीसदी इंटरेस्ट रेट्स बैंड में था। बैंक ऑफ बड़ौदा के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने कहा कि हायर इंटरेस्ट बैंड में ज्यादा होम लोन की हिस्सेदारी की वजह इंटरेस्ट रेट में वृद्धि का ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन है।

इंटरेस्ट रेट ट्रांसमिशन में लगने वाला समय घटा

एक्सटर्नल बैंचमार्क लेंडिंग रेट्स (EBLR) की शुरुआत से इंटरेस्ट रेट्स के ट्रांसमिशन में लगने वाला समय घटा है। 1 अक्टूबर, 2019 से बैंकों ने फ्लोटिंग रेट वाले रिटेल लोन को एक एक्सटर्नल बैंचमार्क से लिंक्ड कर दिया है। ज्यादातर बैंकों के मामले में यह आरबीआई का रेपो रेट है। इस वजह से आरबीआई के रेपो रेट में बदलाव का जल्द असर ऐसे लोन के इंटरेस्ट रेट्स पर पड़ता है।

व्हीकल लोन में ज्यादा अमाउंट वाले लोन की हिस्सेदारी बढ़ी

दिसंबर 2018 में ज्यादातर व्हीकल्स लोन 2-10 लाख रुपये की रेंज में थे। लेकिन, समय के साथ महंगी गाड़ियां खरीदने की लोगों की इच्छा बढ़ी है। इससे लोग ज्यादा अमाउंट का व्हीकल्स लोन ले रहे हैं। दिसंबर 2018 में कुल व्हीकल्स लोन में 10-50 लाख रुपये रेंज वाले लोन की हिस्सेदारी 22.4 फीसदी थी। यह हिस्सेदारी सितंबर 2023 में बढ़कर 36.1 फीसदी हो गई।

इस वजह से लोग ले रहे हैं ज्यादा अमाउंट को होम लोन

दिसंबर 2018 में 10-50 लाख रुपये रेंज वाले होम लोन की हिस्सेदारी कुल होम लोन में 47 फीसदी थी। 2023 में यह बढ़कर करीब 58 फीसदी हो गई है। इसकी कई वजहें हैं। पहला यह है कि बीते 5-7 साल में प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ी हैं। दूसरी वजह यह है कि धीरे-धीरे लोगों की कमाई बढ़ रही है।

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