Canara Robeco MF ने मैन्युफैक्चरिंग थीम पर लॉन्च किया नया फंड, जानिए इसकी खास बातें

सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस बढ़ाया है। सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए मेक इन इंडिया और पीएलआई स्कीम जैसी कई योजनाएं लॉन्च की है। केनरा रोबेको एमएफ का नया फंड मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उपलब्ध निवेश के मौकों का इस्तेमाल करेगा

अपडेटेड Feb 16, 2024 पर 5:23 PM
यह न्यू फंड ऑफर (NFO) 16 फरवरी को निवेश के लिए खुल गया है। इसमें 1 मार्च तक निवेश किया जा सकता है।

केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड (Canara Robeco Mutual Fund) ने मैन्युफैक्चरिंग थीम पर नया फंड लॉन्च किया है। फंड हाउस का मानना है कि आने वाले सालों में इंडिया मैन्युफैक्चरिंग का दुनिया का बड़ा हब बनने जा रहा है। यह ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है। यह स्कीम मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगी। यह न्यू फंड ऑफर (NFO) 16 फरवरी को निवेश के लिए खुल गया है। इसमें 1 मार्च तक निवेश किया जा सकता है। एनएफओ क्लोज होने के कुछ समय बाद फंड हाउस इस स्कीम का एनएवी बताएगा। बाद में एनएवी पर इस स्कीम में निवेश किया जा सकता है।

पहलें से मैन्युफैक्चरिंग थीम पर पांच फंड हैं

इंडियन म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पहले से कई थीम आधारित स्कीमें हैं। लेकिन, मैन्युफैक्चरिंग अपेक्षाकृत नई थीम है। इस थीम पर पहले से मार्केट में सिर्फ पांच एक्टिव स्कीमें हैं। केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड के सीईओ रजनीश नरूला ने कहा कि यह स्कीम ऐसे वक्त आई है, जब देश में मिडिल क्लास लोगों की संख्या बढ़ रही है। साथ ही कामकाजी लोगों की उम्र बढ़ रही है।


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मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बनेगा भारत

उन्होंने कहा, "इंडिया आने वाले समय में अट्रैक्टिव इनवेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनने जा रहा है। इस फंड को सरकार के रिफॉर्म्स से फायदा होगा। इनमें आत्मनिर्भर भारत, पीएलआई स्कीम, मेक इन इंडिया, सिंगल विंडो क्लियरेंस और इंपोर्ट सब्सीट्यूशन शामिल हैं।" यह फंड अपना कम से कम 80 फीसदी पैसा मैन्युफैक्चरिंग और इससे संबंधित कंपनियों के स्टॉक्स में करेगा। बाकी 0-20 फीसदी पैसा दूसरे सेक्टर की कंपनियों के इक्विटी या इक्विटी जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में करेगा। यह 0-10 फीसदी पैसे का निवेश रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स में करेगा।

कम से कम 5000 रुपये करना होगा निवेश

इस फंड में एकमुश्त कम से कम 5,000 रुपये का निवेश करना होगा। प्रणव गोखले और श्रीदत्त भंडवालदर इस फंड के फंड मैनेजर्स होंगे। भंडवालदर ने कहा कि यह फंड ग्रोथ स्टेटेजी का इस्तेमाल करेगा। यह मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उपलब्ध मौकों और ट्रेंड का फायदा उठाने की कोशिश करेगा। मैन्युफैक्चरिंग थीम पर आधारित फंडों में से सिर्फ दो फंड का ट्रैक रिकॉर्ड तीन साल से ज्यादा का है। इनवेस्टर्स को इस एनएफओ में निवेश करने से पहले रिस्क को ठीक तरह से समझ लेना चाहिए।

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