Get App

Tokenisation: बैंकों ने RBI को ‘अव्यवस्था’ को लेकर किया आगाह, कहा- छोटे मर्चेंट बदलाव के लिए नहीं हैं तैयार

लेंडर्स इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर आरबीआई इस डेडलाइन को बढ़ाने पर विचार नहीं करता है तो नए साल के दौरान सभी ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पर भारी अव्यवस्था देखने को मिलेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 21, 2021 पर 5:34 PM
Tokenisation: बैंकों ने RBI को ‘अव्यवस्था’ को लेकर किया आगाह, कहा- छोटे मर्चेंट बदलाव के लिए नहीं हैं तैयार
टोकनाइजेशन के लागू होने के साथ पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है

Tokenisation rules : नए टोकनाइजेशन रूल्स को लागू करने की डेडलाइन नजदीक आने के साथ रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों से एंटिटी लेवल पर तैयारियों के स्तर की जांच करने के लिए कहा है। घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने बदलाव को सरल बनाने के लिए हाल के हफ्तों में बैंकों से संपर्क किया है।

प्राइवेट सेक्टर के एक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “आरबीआई बैंकों से सुनिश्चित करना चाहता है कि बैंकिंग सिस्टम नए नियमों के लिए तैयार है। इस मामले में रेग्युलेटर ज्यादातर बैंकों के साथ संपर्क में है।” नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर आरबीआई के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत जारी है।

लेकिन, भले ही बैंक पेमेंट नेटवर्क्स के साथ नए नियमों के पालन का पूरा भरोसा है, लेकिन मर्चेंट्स इसके लिए तैयार नहीं हैं। आरबीआई के साथ परामर्श के दौरान, बैंकों ने आरबीआई को संभावित अव्यवस्था के लिए आगाह किया है, क्योंकि छोटे मर्चेंट्स को बड़े बदलाव के लिए ज्यादा समय की जरूरत है।

क्या है टोकनाइजेशन?

टोकनाइजेशन का मतलब क्रेडिट और डेबिट कार्ड डिटेल्स की जगह वैकल्पिक कोड लागू करना जिसे “टोकन” कहा गया है। हर कार्ड, टोकन रिक्वेस्टर और डिवाइस के लिए अलग टोकन है। टोकन रिक्वेस्टर एक एंटिटी है, जो एक कस्टमर की तरफ से कार्ड के टोकनाइजेशन के लिए अनुरोध प्राप्त करता है और टोकन इश्यू करने के लिए उस अनुरोध को कार्ड नेटवर्क को भेजता है।

टोकनाइज्ड कार्ड ट्रांजैक्शन को सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें ट्रांजैक्शन के दौरान किसी मर्चैंट के साथ कार्ड डिटेल्स साझा नहीं की जाती हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें