मॉर्टगेज लेंडर हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (HDFC) ने अपने होम लोन की ब्याज दरें 5 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा दी हैं, जो 1 जून से प्रभावी हो गई हैं। एचडीएफसी ने आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के बाद पिछले महीने अपनी दरों में 30 बेसिस प्वाइंट यानी 0.30 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
एचडीएफसी ने एक बयान में कहा, एचडीएफसी ने हाउसिंग लोन पर अपनी रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट (आरपीएलआर) में 5 बेसिस प्वाइंट्स तक की बढ़ोतरी कर दी है, जिस पर एडजस्टेबिल रेट होम लोन्स तय की जाती हैं। यह 1 जून से लागू हो गई है।
मई से 40 बेसिस प्वाइंट्स तक महंगे हुए लोन
इस प्रकार मई से एचडीएफसी के नए कस्टमर्स के लिए ब्याज दरें 35 बेसिस प्वाइंट्स तक बढ़ गई हैं। वहीं मौजूदा कस्टमर्स के लिए यह 40 बेसिस प्वाइंट्स तक बढ़ गई है, क्योंकि एचडीएफसी मौजूदा बॉरोअर्स के लिए इससे पहले भी ब्याज दरों में 5 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी कर चुका है।
आईसीआईसीआई बैंक ने बढ़ाई एमसीएलआर
वहीं, देश के प्राइवेट सेक्टर के दूसरे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) 30 बेसिस प्वाइंट्स तक बढ़ा दी है, जो 1 जून से प्रभावी हो गई है। इस क्रम में बैंक की ओवरनाइट और एक महीने की एमसीएलआर 7.30 फीसदी, तीन महीने की एमसीएलआर 7.35 फीसदी, छह महीने की एमसीएलआर 7.50 फीसदी और एक साल की एमसीएलआर 7.55 फीसदी हो गई है।
MCLR एक न्यूनतम ब्याज दर है, जिस पर बैंक उधार दे सकता है। यह आरबीआई द्वारा तय की गई एक व्यवस्था है, जिसे कमर्शियल बैंक लोन पर ब्याज की दर तय करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की छह जून से मीटिंग शुरू हो रही है। माना जा रहा है कि महंगाई को थामने के लिए केंद्रीय बैंक रेपो रेट में और बढ़ोतरी कर सकता है।