हम पीएमसी बैंक नहीं हैं, हम यूनिटी हैं, एक अलग संस्थान : जसपाल बिंद्रा

यूनिटी एसएफबी (Unity Small Finance Bank) में पीएमबी बैंक का विलय हो गया है। यूनिटी एसएफबी (Unity SFB) का मालिकाना हक सेंट्रम ग्रुप (Centrum Group) और भारतपे (Bharatpe) के कंसोर्शियम के पास है

अपडेटेड Feb 04, 2022 पर 1:12 PM
सेंट्रम ग्रुप के चेयरमैन जसपाल बिंद्रा का कहना है कि हमारी पहली प्राथमिकता पीएमसी बैंक के ग्राहकों का भरोसा फिर से हासिल करना है। उन्होंने कहा कि हमारा जोर यूनिटी एसएफबी को स्ट्रॉन्ग टेक्नोलॉजी आधारित मॉडल पर चलाने पर होगा।

पीएमसी बैंक (PMC Bank) की शाखाएं 25 जनवरी से यूनिटी एसएफबी की ब्रांच के रूप में काम करने लगी हैं। दरअसल, यूनिटी एसएफबी (Unity Small Finance Bank) में पीएमसी बैंक का विलय हो गया है। यूनिटी एसएफबी (Unity SFB) का मालिकाना हक सेंट्रम ग्रुप (Centrum Group) और भारतपे (Bharatpe) के कंसोर्शियम के पास है। सेंट्रम ग्रुप के चेयरमैन जसपाल बिंद्रा का कहना है कि हमारी पहली प्राथमिकता पीएमसी बैंक के ग्राहकों का भरोसा फिर से हासिल करना है। उन्होंने कहा कि हमारा जोर यूनिटी एसएफबी को स्ट्रॉन्ग टेक्नोलॉजी आधारित मॉडल पर चलाने पर होगा।

बिंद्रा ने कहा कि नया मैनेजमेंट जरूरत पड़ने पर पीएमसी के डिपॉजटर्स को लिक्विडिटी उपलब्ध कराने की कोशिश करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतपे के फाउंडर अशनीर ग्रोवर से जुड़े विवाद का हमारे पार्टनरशिप पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस विवाद के चलते ग्रोवर 31 मार्च तक छुट्टी पर चले गए हैं। यह पूछने पर कि उन्होंने पीएमसी बैंक का अधिग्रहण क्यों किया, बिंद्रा ने कहा कि हमारा मानना था कि हमारे पास बैंक लाइसेंस होना चाहिए। इसलिए हमने पीएमसी बैंक के अधिग्रहण का फैसला किया।

पीएमसी बैंक के डिपॉजिटर्स का भरोसा फिर से बहाल करने के बारे में बिंद्रा ने कहा कि करीब 10 डिपॉजिटर्स के भरोसे को धक्का लगा है। हमें इसे बहाल करने की कोशिश करेंगे। सबसे पहले यह कहना ठीक रहेगा कि हम यूनिटी एसएफबी हैं, जो एक अलग इंस्टीट्यूशन है। इसलिए पीएमसी बैंक के डिपॉजिटर्स को यह समझना चाहिए अब उनका पुराने इंस्टीट्यूशन से कोई नाता नहीं है। वे अब एक ऐसे इंस्टीट्यूशन का हिस्सा हैं, जिसका कैपिटल बेस काफी पड़ा है।


बिंद्रा ने बताया कि यूनिटी एसएफबी में 1,100 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। जल्द और 1,900 करोड़ रुपये का निवेश होने वाला है। इसलिए जहां तक पूंजी की बात है तो यह बिल्कुल एक अलग इंस्टीट्यूशन है। हमें ए रेटिंग हासिल है। आगे चीजें बेहतर होने पर हमारी रेटिंग में और सुधार आएगा। हमारे पार्टनर के पास भी काफी कैपिटल है। हमने ग्राहकों को फाइनेंशियल इनसेंटिव देने की भी योजना बनाई है। हम दूसरे बैंकों के मुकाबले सेविंग्स अकाउंट पर 200 बेसिस प्वाइंट्स ज्यादा इंट्रेस्ट दे रहे हैं।

सेंट्रम ग्रुप के प्रमुख ने यह भी कहा कि हम पीएमसी बैंक के ग्राहकों को बता देना चाहते हैं कि पहले दिन से ही उन्हें पीएमसी जैसी सुविधा मिल रही है, क्योंकि हमने पीएमसी की पूरी टीम को अपने साथ बनाए रखा है। जहां तक प्रोडक्ट की बात है तो हम ग्राहकों को पीएमसी से बेहतर एक्सपीरियंस देंगे। इसके लिए हम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेंगे। हमारे लिए साइज नहीं बल्कि ग्रोथ ज्यादा मायने रखता है। पहले चरण में ग्रोथ हमरा मंत्र होगा। हम अपनी सभी सेवाओं और प्रोडक्ट को ऐप पर उपबल्ध कराना चाहते हैं। पहले दिन से ही हमारी मौजूदगी राष्ट्रीय स्तर पर है, जो पीएमसी बैंक के साथ नहीं था। वे सीमित भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित थे।

पीएमसी बैंक का घोटाला 2019 में सामने आया था। भारतीय रिजर्व बैंक ने यह पाया था कि पीएमसी बैंक ने नियमों की अनदेखी कर कुछ कंपनियों को लोन दिया था। यह लोन डूब गया था, लेकिन पीएमसी बैंक ने यह बात छुपाने की कोशिश की थी। आरबीआई ने इस बैंक की सेवाओं पर रोक लगा दी थी।  इससे बड़ी संख्या में इस बैंक के ग्राहकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

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