RBI Bank Locker: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India - RBI) ने बैंकों में लॉकर रखने वाले ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। RBI ने ग्राहकों के साथ एग्रीमेंट रिन्यू की डेडलाइन को बढ़ा दिया है। इसकी डेडलाइन 31 दिसबंर 2023 कर दी गई है। ऐसे में बैंकों के पास अब पर्याप्त समय होगा। पहले ग्राहकों को 1 जनवरी 2023 से पहले एग्रीमेंट रिन्यू करना था। RBI का कहना है कि इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। इसके तहत 30 जून 2023 तक 50 फीसदी, 30 सितंबर 2023 तक 75 फीसदी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
वहीं RBI ने इंडियन बैंक एसोसिएशन (Indian Banks Association -IBA) से कहा है कि वो मॉडल लॉकर की समीक्षा करें और इसे 28 फरवरी 2023 तक बैंको भेज दे। RBI ने बैंको से कहा है कि वो स्टॉम्प पेपर आदि मुहैया करारकर एग्रीमेंट के रिन्यू करने के प्रोसेस को आसान बनाने के लिए व्यवस्था करें।
आखिरी क्यों बढ़ी डेडलाइन?
केंद्रीय बैंक ने बैंकों से कहा है कि वो अपनी सभी मौजूदा ग्राहकों को 30 अप्रैल 2023 तक एग्रीमेंट रिन्यू करने के बारे में सूचित करें। बैंकों को सुनिश्चित करना होगा कि 30 जून 2023 तक 50 फीसदी और 30 सितंबर 2023 तक 75 फीसदी मौजूदा ग्राहकों नए एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर लें। RBI का कहना है कि बड़ी संख्या में ग्राहकों ने नए एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। कई मामलों में तो बैंकों ने लॉकर रखने वाले ग्राहकों को ये सूचना ही नहीं दी है कि 1 जनवरी 2023 से पहले नए एग्रीमेंट पर ग्राहकों को हस्ताक्षर करना है। RBI ने अपने नोटिफिकेशन में कहा कि रिवाईज्ड इंस्ट्रक्शन के मुताबिक इंडियन बैंक एसोसिएशन को अपने ड्रॉफ्ट मॉडल एग्रीमेंट को करना जरुरी है। लिहाजा एग्रीमेंट रिन्यू करने के डेडलाइन को 31 दिसंबर 2023 कर दिया गया है।
नए एग्रीमेंट में हस्ताक्षर जरूरी
RBI के मुताबिक, कोई भी बैंक अब इस एग्रीमेंट (New Locker Agreement) को लागू करवाने में लापरवाही नहीं कर सकता है। RBI ने यभी कहा है कि 1 जनवरी, 2023 तक एक एग्रीमेंट का पालन नहीं करने वाले लॉकरों को तुरंत चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि रिजर्व बैंक ने अगस्त 2022 में एक सर्कुलर जारी करके सेफ डिपॉजिट लॉकर से जुड़े नियम जारी किए थे।
RBI ने 8 अगस्त 2022 गाइडलाइन जारी किया था। इसके तहत बैंकों को खाली लॉकरों की लिस्ट और वेटिंग लिस्ट दिखानी होगी। इसके साथ ही बैंकों के पास लॉकर के लिए ग्राहकों से एक बार में ज्यादा से ज्यादा 3 साल का किराया लेने का अधिकार होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि किसी ग्राहक को नुकसान होने की स्थिति में बैंक की शर्तों का हवाला देकर अब मुकरा नहीं जा सकेगा। बल्कि ग्राहक की पूरी भरपाई हो सकेगी। अगर नुकसान बैंक कर्मचारी के धोखाधड़ी के कारण हुआ है तो लॉकर के किराए के 100 गुना तक पैसा बैंक को देना होगा। हालांकि प्राकृतिक आपदा या अन्य चीजों से लॉकर प्रभावित होता है तो बैंक मुआवजा का जिम्मेदार नहीं होगा।