बिना इंटरनेट UPI पेमेंट्स: RBI फीचर फोन यूजर्स के लिए डिजिटल पेमेंट्स लॉन्च करेगी

बिना इंटरनेट UPI पेमेंट्स: RBI फीचर फोन यूजर्स के लिए डिजिटल पेमेंट्स लॉन्च करेगी

सेंट्रल बैंक यूपीआई ऐप में “ऑन-डिवाइस” वालेट के माध्यम से कम वैल्यू वाले ट्रांजैक्शंस को संभव बनाना चाहता है, जिससे बैंकिंग सिस्टम के संसाधनों की बचत होगी

अपडेटेड Dec 08, 2021 पर 1:44 PM | स्रोत : Moneycontrol.com

Reserve Bank of India (RBI) ने बुधवार को कहा कि उसने फीचर फोन (feature phone) यूजर्स के लिए यूपीआई (UPI) बेस्ड पेमेंट प्रोडक्ट लॉन्च करने का फैसला किया है। फीचर फोन ऐसे बेसिक फोन होते हैं, जिनमें आम तौर पर वॉयस कॉलिंग और टेक्स्ट मैसेज की सुविधा होती है। ऐसे कुछ डिवाइस में बेसिक मल्टीमीडिया और इंटरनेट के विकल्प भी होते हैं। RBI ने अगर फीचर फोन के लिए UPI पेमेंट्स लॉन्च किया तो बिना इंटरनेट के भी पेमेंट हो सकेगा।

देश में फीचर फोन यूजर्स की है बड़ी तादाद

आरबीआई ने 8 दिसंबर को डेवलपमेंटल और रेगुलेटरी पॉलिसीज पर जारी अपने बयान में कहा, “भारत के पास लगभग 118 करोड़ (ट्राई, अक्टूबर 2021) मोबाइल फोन कंज्यूमर्स का बेस है, जिनमें से लगभग 78 करोड़ (स्टैटिस्टा, जुलाई 2021) लोगों के पास स्मार्टफोन है। इससे देश में बड़ी संख्या में फीचर फोन यूजर्स के होने के संकेत मिलते हैं।”

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फीचर फोन में UPI की क्यों है जरूरत

फीचर फोन यूजर्स की नए पेमेंट प्रोडक्ट्स तक सीमित पहुंच होती है। भले ही फीचर फोन में *99# शॉर्टकोड के इस्तेमाल से बेसिक पेमेंट सेवाओं के उपयोग के लिए एक विकल्प के रूप में NUUP (National Unified USSD Platform) की सुविधा है, लेकिन इसका ज्यादा उपयोग नहीं किया गया है। वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए, फीचर फोन यूजर्स को डिजिटल पेमेंट की मुख्यधारा में लाना महत्वपूर्ण है।

RBI Regulatory Sandbox के पहले समूह के रूप में, कुछ इनोवेटर्स ने ‘रिटेल पेमेंट’ की थीम के अंतर्गत फीचर फोन पेमेंट के लिए सफलतापूर्वक अपने सॉल्युशंस का प्रदर्शन किया है। स्टेटमेंट के मुताबिक, दूसरे सॉल्युशंस के साथ मिलकर ये प्रोडक्ट्स डिजिटलीकरण को प्रोत्साहन देने के लिए फीचर फोन पर यूपीआई आधारित डिजिटल पेमेंट सॉल्युशंस की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।

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प्रोसेस को सरल बनाना चाहता है आरबीआई

आरबीआई यूपीआई पर कम वैल्यु वाले ट्रांजैक्शंस के लिए प्रोसेस को सरल बनाना चाहता है। सेंट्रल बैंक यूपीआई ऐप (UPI app) में “ऑन-डिवाइस” वालेट (“On-device" wallet) के माध्यम से कम वैल्यू वाले ट्रांजैक्शंस को संभव बनाना चाहता है, जिससे यूजर के लिए ट्रांजैक्शन के तरीके में किसी भी प्रकार के बदलाव के बिना बैंकिंग सिस्टम के संसाधनों की बचत होगी।

UPI में 200 रुपये से कम के हैं 50% ट्रांजैक्शन

स्टेटमेंट के मुताबिक, “ट्रांजैक्शंस के वॉल्यूम (14 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रति दिन, अक्टूबर, 2021) के लिहाज से यूपीआई देश का सबसे बड़ा रिटेल पेमेंट सिस्टम है। यूपीआई के शुरुआती उद्देश्यों में से एक कम वैल्यू वाले ट्रांजैक्शंस के लिए कैश की जरूरत को खत्म करना था। ट्रांजैक्शन डाटा के विश्लेषण से पता चलता है कि यूपीआई के माध्यम से होने वाले 50 फीसदी ट्रांजैक्शन 200 रुपये से कम के हैं। यह इस सिस्टम की सफलता का संकेत है। हालांकि, कम वैल्यू वाले ट्रांजैक्शन में सिस्टम की खासी क्षमता और संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे कई बार कनेक्टिविटी संबंधी समस्याओं के कारण ट्रांजैक्शन असफल होने से ग्राहकों को असुविधा होती है। इसीलिए, यूपीआई ऐप में “ऑन-डिवाइस” वालेट के माध्यम से कम वैल्यू वाले ट्रांजैक्शंस को संभव बनाकर एक सरल प्रक्रिया की पेशकश का प्रस्ताव किया गया है।”

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First Published: Dec 08, 2021 1:44 PM