Saraswat Bank : पुणे में बैंक के चेयरमैन और सात अन्य लोगों पर मुकदमा, संदिग्ध लेनदेन का है मामला

कथित तौर पर यह मामला 2018 और 2020 के बीच का है, शिकायतकर्ता की कंपनी का सारस्वत बैंक की विश्रांतवादी ब्रांच में टर्म लोन अकाउंट था

अपडेटेड Dec 27, 2021 पर 10:44 AM
कोऑपरेटिव बैंकों के कामकाज में सुधार को लेकर सतर्क है आरबीआई

Saraswat Bank : एक ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर पुणे पुलिस ने सारस्वत बैंक के चेयरमैन गौतम ठाकुर और मैनेजिंग डायरेक्टर स्मिता संधाने सहित आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कोथरूड की रहने वाली स्मिता समीर पाटिल ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की थी जिसके आधार पर सारस्वत बैंक के चेयरमैन गौतम ठाकुर, मैनेजिंग डायरेक्टर स्मिता संधाने, चीफ मैनेजर आनंद चाके, जोनल मैनेजर पल्लवी सैली, रत्नाकर प्रभाकर, विश्रांतवादी, ब्रांच मैनेजर अभिषेक भगत और अन्य के खिलाफ एफआई दर्ज की गई थी।

सिक्योरिटी के तौर पर दिए गए चेकों के दुरुपयोग का आरोप


यह मामला संदिग्ध लेनदेन से जुड़ा है। कथित तौर पर यह मामला 2018 और 2020 के बीच हुआ। शिकायतकर्ता की कंपनी का सारस्वत बैंक की विश्रांतवादी ब्रांच में टर्म लोन अकाउंट था।

सारस्वत बैंक अधिकारियों ने कथित तौर पर एक बोगस लोन खाता बनाया और फिर 13 अगस्त, 2018 को कंपनी को 13 करोड़ रुपये के वन टाइम सेटलमेंट का प्रस्ताव भेजा। रिपोर्ट में कहा गया कि बैंक ने कथित रूप से फर्जी लोन अकाउंट के लिए 2.5 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए टर्म लोन के लिए सिक्योरिटी के रूप में दिए गए चेकों का दुरुपयोग किया।

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छह राज्यों में कंपनी का ऑपरेशन

1918 में स्थापित, सारस्वत बैंक का भारत में सबसे बड़ी शहरी को-ऑपरेटिव बैंक होने का दावा है और उसका छह राज्यों- महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में ऑपरेशन है।

बैंक की वेबसाइट के मुताबिक, उसका कुल बिजनेस 67,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, उसकी 283 ब्रांच और 311 एटीएम हैं।

जारी हैं कोऑपरेटिव बैंकों में सुधार की कोशिशें

कोऑपरेटिव बैंकों को अक्सर फ्रॉड से जुड़ी गतिविधियों और मिसगवर्नेंस के बड़े इश्यूज की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आरबीआई ने बड़े स्तर पर फ्रॉड सामने आने के बाद मुंबई के पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक का कंट्रोल सितंबर 2019 में अपने हाथ में ले लिया था। पीएमसी बैंक का रिजॉल्युशन का प्रॉसेस अभी जारी है।

पिछले दो साल में, आरबीआई ने गलतियां करने पर कोऑपरेटिव बैंकों को 200 निर्देश जारी किए और कम से कम छह कोऑपरेटिव बैंकों के वर्किंग परमिट कैंसिल कर दिए।

सारस्वत बैंक से इस संबंध में प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

 

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