क्या आप टॉप-अप होम लोन लेने का प्लान बना रहे हैं? अगर हां तो आपको लोन के पैसे का इस्तेमाल सिर्फ अपने घर के मरम्मत या उसके विस्तार पर खर्च करना होगा। दरअसल, आरबीआई ने टॉप-अप होम लोन की बढ़ती मांग पर चिंता जताई है। केंद्रीय बैंक ने 8 अगस्त को पेश अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में इस बारे में कई बातें कही हैं। इसकी वजह क्या है, इसका का ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा? आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
RBI को पैसे का इस्तेमाल दूसरी जगह होने का संदेह
आरबीआई को संदेह है कि टॉप-अप होम लोन के पैसे का दूसरी जगह इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए उसने बैंकों और एनबीएफसी से इस लोन को देने में सख्ती बरतने को कहा है। आरबीआई चाहता है कि बैंक और एनबीएफसी टॉप-अप होम लोन के अप्लिकेशन को मंजूरी देने में सख्ती बरतें। लोन एप्रूव करने से पहले बैंकों और एनबीएफसी को इस बात की ठीक तरह से जांच करनी होगी कि ग्राहक टॉप-अप होम लोन के पैसे का इस्तेमाल सिर्फ घर के मरम्मत या विस्तार के लिए करेगा।
बैंक और एनबीएफसी अप्लिकेशन एप्रूव करने में सख्ती बढ़ा सकते हैं
बैंक और एनबीएफसी आरबीआई के निर्देश के बाद टॉप-अप होम लोन देने में सख्ती बढ़ा सकते हैं। वे इस बात का सबूत मांग सकते हैं कि इस लोन के पैसे का इस्तेमाल सिर्फ वह अपने घर के मरम्मत या विस्तार के लिए खर्च करेगा। बैंक या एनबीएफसी इस लोन को मंजूर करने से पहले ग्राहक से कई तरह के सवाल पूछ सकते हैं। पूरी तरह ग्राहक के जवाब से संतुष्ट होने के बाद ही वे लोन को एप्रूव करेंगे।
टॉप-अप होम लोन का मतलब क्या है?
कई लोग बैंक से होम लोन लेने के कुछ साल बाद टॉप-अप होम लोन के लिए अप्लाई करते हैं। इसकी वजह यह है कि कुछ सालों के बाद घर की वैल्यू बढ़ जाती है। इससे ग्राहक अपने घर के एवज में अतिरिक्त लोन लेने के लिए एलिजिबल हो जाता है। बैंकों को भी इस लोन में कम रिस्क नजर आता है। इसकी वजह यह है कि यह एक तरह का सेक्योर्ड लोन होता है। पिछले कुछ समय से बैंक और एनबीएफसी को टॉप-अप होम लोन के लिए ज्यादा अप्लिकेशन आ रहे हैं।
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दूसरे लोन के मुकाबले सस्ता है टॉप-अप होम लोन
टॉप-अप होम लोन की बढ़ती मांग से आरबीआई को यह संदेह है कि लोग इस पैसे का इस्तेमाल शेयरों या दूसरे एसेट्स में निवेश करने के लिए कर रहे हैं। पिछले दो-तीन सालों में शेयरों में निवेश से लोगों ने काफी मुनाफा कमाया है। इससे शेयरों में निवेश करने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। चूंकि, टॉप-अप होम लोन का इंटरेस्ट होम लोन की तरह कम होता है, जिससे लोगों को यह दूसरे लोन के मुकाबले काफी सस्ता पड़ता है।