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इमरजेंसी फंड को 'स्वीप-इन एफडी' में ट्रांसफर करने जा रहे हैं? रुकिए, पहले जान लीजिए इसके नफा-नुकसान

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jun 11, 2026 पर 5:03 PM
इमरजेंसी फंड को 'स्वीप-इन एफडी' में ट्रांसफर करने जा रहे हैं? रुकिए, पहले जान लीजिए इसके नफा-नुकसान
स्वीप-इन एक ऐसी ऑटोमैटिक सुविधा है जो आपके सेविंग्स अकाउंट को फिक्स्ड डिपॉजिट से जोड़ देती है

Emergency Fund To Sweep In FD: मुसीबत के समय काम आने वाले फंड यानी इमरजेंसी फंड का एक ही सबसे बड़ा नियम होता है जब आपको जरूरत हो, यह पैसा तुरंत आपके हाथ में होना चाहिए। यह बात सुनने में जितनी आसान लगती है, लोग अक्सर उतने ही उलझन में रहते हैं कि इस पैसे को रखें कहां?

अगर आप इसे साधारण सेविंग्स अकाउंट में छोड़ देते हैं, तो पैसा हमेशा उपलब्ध तो रहता है, लेकिन ब्याज बहुत कम मिलता है। वहीं, अगर आप इसकी नॉर्मल फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करा देते हैं, तो ब्याज तो अच्छा मिलता है, लेकिन इमरजेंसी में इसे तुरंत निकालना मुश्किल या खर्चीला हो सकता है।

इसी उलझन को दूर करने के लिए बैंक अक्सर स्वीप-इन एफडी (Sweep-in FD) का विकल्प देते हैं। लेकिन अपना इमरजेंसी फंड इसमें ट्रांसफर करने से पहले इसके काम करने का तरीका और बारीकियां समझना बेहद जरूरी है।

आखिर क्या होती है 'स्वीप-इन एफडी'?

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