माता-पिता बनते ही पैसों की प्लानिंग का नजरिया बदल जाता है। अब बचत सिर्फ अपने लिए नहीं होती। मन के किसी कोने में बच्चे की कॉलेज की पढ़ाई, प्रोफेशनल कोर्स, विदेश में पढ़ाई या आगे चलकर उसकी दूसरी जरूरतों का भी ख्याल आने लगता है। सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि शुरुआत कहां से करें।
