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भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच कराची बेकरी फिर फंसा! मालिक ने कहा- भारतीय है ब्रांड, दादा ने हैदराबाद में किया शुरू

Karachi Bakery: हैदराबाद की मशहूर कराची बेकरी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। भारत के 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों पर की गई जवाबी कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने बेकरी के एक आउटलेट पर प्रदर्शन किया और नाम बदलने को कहा..

MoneyControl Newsअपडेटेड May 09, 2025 पर 12:30 PM
भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच कराची बेकरी फिर फंसा! मालिक ने कहा- भारतीय है ब्रांड, दादा ने हैदराबाद में किया शुरू
Karachi Bakery: भारत पाकिस्तान युद्ध के कारण हैदराबाद की मशहूर कराची बेकरी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है।

Karachi Bakery: हैदराबाद की मशहूर कराची बेकरी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। भारत के 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों पर की गई जवाबी कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने बेकरी के एक आउटलेट पर प्रदर्शन करते हुए उसके नाम को बदलने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एक भारतीय बेकरी का नाम पाकिस्तान के किसी शहर के नाम पर नहीं होना चाहिए।

मालिकों ने दी सफाई – कराची बेकरी विरासत का प्रतीक

बेकरी के मालिक राजेश और हरीश रामनानी ने मीडिया को बताया कि कराची बेकरी की शुरुआत उनके दादा खांचंद रामनानी ने 1953 में की थी, जब वे 1947 के विभाजन के दौरान पाकिस्तान के कराची शहर से भारत आकर बस गए थे। उन्होंने कहा कि यह नाम हमारी विरासत और हमारे दादा की स्मृति से जुड़ा है। कराची बेकरी का भारत से गहरा नाता है, यह पूरी तरह भारतीय ब्रांड है।

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