बिहार के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई क्रांति देखी जा रही है। राज्य सरकार ने 13 करोड़ से अधिक आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए केंद्र के सहयोग से कई प्रभावशाली योजनाओं का जाल बिछाया है। यदि आप बिहार के निवासी हैं और आर्थिक तंगी के कारण बेहतर इलाज से कतरा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
राज्य में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से लेकर जन आरोग्य योजना तक, कई ऐसी स्कीम चल रही हैं जो गरीबों को गंभीर से गंभीर बीमारियों में लाखों रुपये की मदद पहुंचा रही हैं।
1. गंभीर बीमारियों के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष
* वित्तीय सहायता: इस योजना के तहत ₹20,000 से लेकर ₹5 लाख तक की आर्थिक मदद दी जाती है।
* पात्रता: ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय ₹2.50 लाख से कम है, इसके पात्र हैं।
* बीमारियां: इसमें कैंसर, हृदय रोग और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी 14 गंभीर बीमारियों को कवर किया गया है। खास बात यह है कि सहायता राशि सीधे अस्पताल को भेजी जाती है, जिससे मरीज के परिवार पर नकदी का बोझ नहीं पड़ता।
2. मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY की तर्ज पर)
केंद्र की आयुष्मान भारत योजना की सफलता को देखते हुए बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना लागू की है। यह उन परिवारों को कवर करती है जो किसी कारणवश केंद्रीय आयुष्मान योजना की सूची में शामिल नहीं हो पाए थे। इसमें भी सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है। राज्य में अब तक 4 करोड़ से ज्यादा लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं।
3. मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने के लिए 'जननी बाल सुरक्षा'
ग्रामीण और शहरी इलाकों में महिलाओं को अस्पताल में प्रसव (डिलीवरी) के लिए प्रोत्साहित करने के लिए जननी बाल सुरक्षा योजना चलाई जा रही है:
* ग्रामीण क्षेत्र: गर्भवती महिलाओं को ₹14,000 और आशा कार्यकर्ताओं को ₹600 की सहायता दी जाती है।
* शहरी क्षेत्र: यहां महिलाओं को ₹10,000 और आशा कार्यकर्ताओं को ₹400 मिलते हैं।
4. छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना
स्वास्थ्य के साथ-साथ स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए कक्षा 7वीं से 12वीं तक की छात्राओं के लिए यह विशेष योजना है। सरकार हर साल छात्राओं के बैंक खाते में ₹300 भेजती है ताकि वे सैनिटरी पैड खरीद सकें और मासिक धर्म के दौरान संक्रमण से बच सकें। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं के स्कूल ड्रॉप-आउट रेट को कम करना है।
इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आपके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। आप नजदीकी 'कॉमन सर्विस सेंटर' (CSC) पर जाकर या आयुष्मान ऐप के माध्यम से अपना कार्ड बनवा सकते हैं। बिहार सरकार का यह कदम न केवल स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर रहा है, बल्कि आम आदमी को बीमारियों के कारण होने वाले भारी कर्ज के जाल से भी बचा रहा है।