इंश्योरेंस का ट्रेडिशनल बिजनेस मॉडल लगातार बदल रहा है। प्रोडक्ट्स और सर्विसेज ग्राहकों तक पहुंचाने के तरीके बदल रहे हैं। Swiss Re की स्टडी के नतीजें बताते हैं कि कोरोना की महामारी के बाद ट्रांजेक्शन के लिए डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल बढ़ा है। अब ज्यादा लोग ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीद रहे हैं। पांच बड़े शहरों के डेटा से पता चलता है कि बीमा कंपनियों के लिए अब सिर्फ ऑफलाइन मॉडल तक खुद को सीमित रखना ठीक नहीं है। उन्हें भी नई पीढ़ी के ग्राहकों को अट्रैक्ट करने के लिए डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल बढ़ाना होगा।
IDF FutureScape की स्टडी में यह बताया गया है कि साल 2040 तक 50 फीसदी लाइफ और नॉन-लाइफ पॉलिसीज पूरी तरह से ऑटोमेटेड और पर्सनलाइज्ड इंश्योरेंस इंजन के जरिए बेची जाएंगी। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए IRDAI ने एक ऑनलाइन इंश्योरेंस मार्केटप्लेस शुरू करने के प्रस्ताव पेश किया है। इसका नाम बीमा सुगम होगा।
इस प्लेटफॉर्म की वजह से क्लेम सेटलमेंट एक्सपीरियंस में भी सुधार आएगा। इसकी वजह यह है कि पॉलिसी से संबंधित सभी जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इससे पॉलिसीहोल्डर या उसके नॉमिनी क्लेम फाइल करते वक्त आसानी से इन्हें एक्सेस कर सकेंगे। इस पोर्टल की वजह से पॉलिसीहोल्डर के लिए पॉलिसी और एजेंट को पोर्ट करना भी आसान हो जाएगा।
ग्राहक को लंबे फॉर्म भरने की जरूरत नहीं रह जाएगी। इंटरमीडियरीज को चुकाए जाने वाला कमीशन घटेगा। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि बीमा सुगम की वजह से अभी ग्राहकों को इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के मामले में आने वाली ज्यादातर दिक्कतें दूर हो जाएंगी। इससे इंश्योरेंस कंपनियों की पहुंच बढ़ेगी। साथ ही वे कई तरह के बेनेफिट्स के साथ ज्यादा सुविधा ऑफर कर सकेंगी। अभी ग्राहकों को पॉलिसी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बढ़ेगी बीमा उत्पादों की पहुंच
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीमा सुगम की शुरुआत से इंडिया में इंश्योरेंस के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आ सकता है। अभी विकसित देशों के मुकाबले इंडिया में इंश्योरेंस की पहुंच आबादी के बहुत छोटे हिस्से तक है। हालांकि, यह पहुंच बढ़ रही है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत सुस्त है। बीमा सुगम पहले 1 जनवरी 2023 से शुरू होने वाला था। लेकिन, अब इसकी लॉन्च की तारीख बढ़ा दी गई है। माना जा रहा है कि यह अगले 2-3 महीने में शुरू हो जाएगा।