Budget 2024: देश के ज्वैलर्स सोने और चांदी पर एक्साइज और एक्सपोर्ट ड्यूटी में कमी की उम्मीद कर रहे हैं। सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों के साथ ही व्यापारी डिमांड में कमी की भी शिकायत कर रहे हैं। सरकार से गोल्ड ज्वैलरी पर GST को घटाने की मांग कर रहे हैं। ज्वैलर्स एसोसिएशन बजट से अपनी डिमांड वित्तमंत्री के आगे रख रहे हैं।
ज्वैलर्स की बजट से डिमांड
ज्वैलर्स के मुताबिक सोने और चांदी पर तीन प्रतिशत जीएसटी को घटाकर दो प्रतिशत किया जाना चाहिए और सोने पर एक्साइज ड्यूटी कम किया जाना चाहिए ताकि इससे सोने की कीमतें नीचे आ सकें। इससे मिडिल क्लास के बीच डिमांड बढ़ेगी। सोने की कीमत बढ़ने बाजार की हालत खराब हो गई है। एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती की उम्मीद करते हुए एक और ज्वैलर ने कहा कि आगामी बजट से हमारी उम्मीदें हैं कि विदेशों से आने वाले सोने और चांदी पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को कम किया जाना चाहिए।
जुलाई के आखिरी हफ्ते में पेश होगा बजट
लक्ष्मी नारायण सेन एंड संस के डायरेक्टर सीजर सेन ने कहा कि मेटल की कीमत को कंट्रोल करने के लिए कुछ किया जाना चाहिए। या तो टैक्स को कम किया जाना चाहिए या जीएसटी को कम किया जाना चाहिए या इंपोर्ट ड्यूटी को कम किया जाना चाहिए, ताकि कीमती मेटल आम लोगों की पहुंच में आ सके। जून में नई एनडीए सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने वाली निर्मला सीतारामण जुलाई में अपना सातवां बजट पेश करेंगी।
बजट से ज्वेलर्स की मुख्य मांग
1. कस्टम ड्यूटी घटाकर 5 प्रतिशत करने पर विचार करना चाहिये।
2.आयकर की दर 5 से 20 प्रतिशत तक होनी चाहिये इससे अधिक नहीं होनी चाहिये।
3.जीएसटी जिस कंपनी का बकाया उसी पर कार्यवाही करके वसूलना चाहिये।
4. व्यापारी से बैंक दर के अनुसार ब्याज वसूलने पर विचार करना चाहिये।
5. पुराने बकाया पर एमनेस्टी स्कीम लाने पर विचार करना चाहिए।
भारत देश मे कमाई पर भी टैक्स वसूला जा रहा है और खर्चे पर भी टैक्स वसूला जा रहा है जो कुल मिलाकर तकरीबन 50 प्रतिशत बैठता है और बदले मे शिक्षा एवं स्वास्थ्य की सुविधाएं भी नहीं दी जा रही है। हमारी वित्तमंत्री से मांग है कि सभी प्रकार के टैक्स हटाकर एक देश एक टैक्स की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए यानी बैंक ट्रांजेक्शन टैक्स सिस्टम लागू करना चाहिए ताकि टैक्स कंपलायंस से समय बचाकर व्यापार बढ़ाने मे लगाया जा सके।