Budget 2024: सरकार को रिटेल सेलर्स के लिए कम लागत वाले कर्ज, सब्सिडी एवं जमीन की दरों के अलावा बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों पर लाभ देना चाहिए। भारतीय खुदरा विक्रेता संघ (RIA) ने शुक्रवार को आम बजट 2024-25 के लिए सरकार को सौंपे अपने सुझाव में यह बात कही। इसके साथ ही आरएआई ने मांग पैदा करने और खपत बढ़ाने के लिए आम लोगों को कर राहत देने की भी अपील की।
भारत में खुदरा व्यापार का हिस्सा देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 10 प्रतिशत है और यह क्षेत्र सीधे तौर पर रोजगार में लगे लोगों की संख्या के लिहाज से कृषि के बाद दूसरे स्थान पर है। आरएआई ने अपने बजट-पूर्व ज्ञापन में उन एरिया का जिक्र किया है, जहां रिटेल इंडस्ट्री को मजबूत बनाने के लिए ध्यान देने की जरूरत है।
उद्योग निकाय ने कहा कि इस एरिया का विकास सुनिश्चित करने के लिए वित्त वर्ष 2024-25 के आम बजट में टैक्स रेट को कम करके या रियायतें देकर मांग पैदा करने और खपत को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इससे समग्र उपभोक्ता धारणा को बढ़ावा मिलेगा और खुदरा क्षेत्र को लाभ होगा।
आरएआई ने कहा कि बजट में रिटेल इंडस्ट्री के विकास में मददगार नीतियों, सरल विनियमों, कौशल विकास और सरल जीएसटी मानदंडों की रूपरेखा भी तैयार की जानी चाहिए। उद्योग निकाय ने कहा कि रिटेल सेलर्स को कम ब्याज दर कर्ज देने की जरूरत है। सरकार से खाद्य और पेय खुदरा क्षेत्र को एक आवश्यक सेवा के रूप में मान्यता देने का अनुरोध भी किया गया।