ULIPs को बतौर प्योर इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट नहीं बेच पाएंगी बीमा कंपनियां, जानिए क्या है पूरा मामला

कई इंश्योरेंस कंपनियों ने यूलिप्स को बतौर प्योर इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स बेचने की कोशिश की हैं। ऐसी कोशिशों पर रोक लगाने के लिए IRDAI ने मास्टर सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि बीमा कंपनियों को यूलिप्स के विज्ञापन में उसके इंश्योरेंस फीचर के बारे में बताना होगा

अपडेटेड Jun 21, 2024 पर 4:43 PM
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सर्कुलर में इंश्योरेंस कंपनियों को यूनिट-लिंक्ड या इंडेक्स-लिंक्ड प्लान को बतौर इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स प्रमोट नहीं करने को कहा गया है।

आईआरडीए ने यूलिप को बतौर प्योर इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट बेचने की कुछ इंश्योरेंस कंपनियों की कोशिश पर रोक लगा दी है। इंश्योरेंस रेगुलेटर ने इस बारे में निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि इंश्योरेंस कंपनियां लाइफ कवर का फीचर बताए बगैर यूलिप का विज्ञापन नहीं दे सकतीं। दरअसल, फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के दौरान कुछ इंश्योरेंस कंपनियों ने मौजूदा यूलिप्स के तहत नए फंड ऑप्शंस लॉन्च किए। खासकर स्मॉलकैप और मिडकैप फंड की स्ट्रॉन्ग मांग का फायदा उठाने के लिए उन्होंने ऐसा किया। ऐसे प्रोडक्ट्स के एडवर्टाइजमेंट में 'इंश्योरेंस' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया। इससे कई इनवेस्टर्स ने इन्हें म्यूचु्अल फंड की स्कीम समझा।

IRDAI के सर्कुलर में क्या है?

IRDAI के इंश्योरेंस एडवर्टाइजमेंट एंड डिसक्लोजर रेगुलेशंस, 2021 में कहा गया है कि इंश्योरेंस के ऐसे विज्ञापन जो प्रोडक्ट के इंश्योरेंस की पहचान को उजागर नहीं करेंगे, उन्हें अनुचित और भ्रामक माना जाएगा। इसके बाद आए मास्टर सर्कुलर में इंश्योरेंस कंपनियों को स्पष्ट रूप से एक लिस्ट के जरिए बताया गया है कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं करना है। माना जा रहा है कि इस मास्टर सर्कुलर के बाद इंश्योरेंस कंपनियों के लिए स्थिति स्पष्ट हो गई होगी।


लाइफ कवरेज के बारे में यूलिप के विज्ञापन में बताना होगा

IRDAI ने 20 जून को जारी मास्टर सर्कुलर में कहा है, "सभी इंश्योरेंस कंपनियां मौजूदा इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स या न्यू इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के तहत यूनिट-लिक्ंड फंड्स या इंडेक्स-लिंक्ड फंड्स के विज्ञापन में अंडरलाइंड लाइफ इंश्योरेंस कवरेज और इससे जुड़े प्रोडक्ट्स के बारे में बताएंगी। लाइफ इंश्योरेंस कवरेज के बारे में बताए बगैर बीमा कंपनी की तरफ से कोई कोई प्रेस रिलीज और स्टेटमेंट जारी नहीं किया जाएगा।"

पार्टिसिपेटिंग एन्डॉमेंट पॉलिसी के विज्ञापन के लिए निर्देश

सर्कुलर में इंश्योरेंस कंपनियों को यूनिट-लिंक्ड या इंडेक्स-लिंक्ड प्लान को बतौर इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स प्रमोट नहीं करने को कहा गया है। इंश्योरेंस कंपनियों को साफ तौर पर यह बताना होगा कि मार्केट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान ट्रेडिशनल एन्डॉमेंट पॉलिसी से अलग होते हैं और इनके साथ रिस्क जुड़ा होता है। इसी तरह पार्टिसिपेटिंग (बोनस के साथ) एन्डॉमेंट पॉलिसीज में शुरुआत में ही यह बताना होगा कि इसके फायदों के तहत बताए गए बोनस की गारंटी नहीं है।

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कई इनवेस्टर्स यूलिप और एन्डॉमेंट प्रोडक्ट में अंतर को नहीं समझते

आईआरडीआईए ने बीमा कंपनियों को विज्ञापन में यूलिप्स के पिछले प्रदर्शन की जानकारी पर कम जोर देने को कहा है। बीमा नियामक ने एक फॉरमैट पेश किया है, जिसका इस्तेमाल रिटर्न के ट्रैक रिकॉर्ड के बारे में बताने के लिए किया ज सकता है। बीमा नियामक का मकसद ऐसे इनवेस्टर्स के हितों की सुरक्षा है जो यूलिप और एन्डॉमेंट प्रोडक्ट्स के बीच के फर्क को नहीं समझते हैं।

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