₹1 करोड़ का घर खरीदने के लिए कितनी होनी चाहिए सैलरी? CA ने बताया पूरा गणित, इसे जान लें वरना लोन ट्रैप में फंस जाएंगे

Home Loan EMI Trap: अपना घर खरीदना सबका सपना होता है लेकिन तब क्या हो जब वही घर आपके लिए काल बन जाए। आज कल कई लोग अपनी क्षमता से बड़ा घर खरीद रहे हैं। ₹80,000 प्रति माह कमाने वाले लोग ₹1 करोड़ का घर ले लेते हैं और अपनी कमाई का लगभग 70% हिस्सा केवल EMI चुकाने में गंवा देते हैं। ऐसी स्थिति में खरीदार के पास न तो कोई इमरजेंसी फंड बचता है और न ही वे अन्य जगहों में निवेश कर पाते हैं। अगर भविष्य में नौकरी जाने या आय कम होने जैसी स्थिति बनती है, तो पूरा परिवार गहरे वित्तीय संकट में आ जाता है

अपडेटेड Aug 05, 2026 पर 12:41 PM
होम लोन लेने से पहले हर खरीदारों को 20-30-40 के नियम को सख्ती से लागू करना चाहिए

Buying a Home Financial Rules: अपना घर होना हर व्यक्ति का बड़ा सपना होता है, लेकिन वित्तीय रूप से तैयार हुए बिना घर खरीदना आपको जीवन भर के लिए कर्ज के जाल में फंसा सकता है। बेंगलुरु की सीए मीनल गोयल ने सोशल मीडिया पर घर खरीदने के गणित और वित्तीय तैयारियों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण सलाह साझा की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि पर्याप्त आय और बचत के बिना भारत में घर खरीदना फाइनेंशियल सुसाइड जैसा हो सकता है।

क्या है घर खरीदने का 20-30-40 नियम?

सीए मीनल गोयल के अनुसार, होम लोन लेने से पहले हर खरीदार को 20-30-40 के नियम को सख्ती से लागू करना चाहिए। इस नियम का गणित इस प्रकार है:


20 वर्ष: होम लोन की अवधि अधिकतम 20 साल ही होनी चाहिए, इससे लंबा लोन ब्याज का बोझ बहुत बढ़ा देता है।

30% ईएमआई: आपकी महीने की होम लोन ईएमआई आपकी टेक-होम सैलरी के 30% से अधिक नहीं होनी चाहिए।

40% डाउन पेमेंट: संपत्ति की कुल कीमत का कम से कम 40% हिस्सा आपके पास डाउन पेमेंट और अन्य शुरुआती खर्चों (स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन आदि) के लिए नकद उपलब्ध होना चाहिए।

50 लाख, 1 करोड़ और 3 करोड़ का घर खरीदने के लिए कितनी सैलरी जरूरी?

सीए मीनल गोयल ने संपत्ति की अलग-अलग कीमतों के हिसाब से जरूरी मासिक वेतन और बचत का आंकड़ा समझाया है:

50 लाख, 1 करोड़ और 3 करोड़ का घर खरीदने के लिए कितनी सैलरी जरूरी?

सैलरी से ज्यादा ईएमआई देने पर क्यों बनता है लोन ट्रैप?

सीए गोयल ने आगाह किया है कि आज कई लोग अपनी क्षमता से बड़ा घर खरीद रहे हैं। उदाहरण के लिए, ₹80,000 प्रति माह कमाने वाले लोग ₹1 करोड़ का घर ले लेते हैं और अपनी कमाई का लगभग 70% हिस्सा केवल EMI चुकाने में गंवा देते हैं।

ऐसी स्थिति में खरीदार के पास न तो कोई इमरजेंसी फंड बचता है और न ही वे अन्य जगहों (म्यूचूअल फंड्स, स्टॉक्स आदि) में निवेश कर पाते हैं। अगर भविष्य में नौकरी जाने या आय कम होने जैसी स्थिति बनती है, तो पूरा परिवार गहरे वित्तीय संकट में आ जाता है।

घर संपत्ति है, लेकिन वित्तीय स्थिरता से बढ़कर नहीं

सीए मीनल गोयल का कहना है कि घर खरीदना गलत नहीं है, लेकिन वित्तीय रूप से तैयार होने से पहले ऐसा करना बेहद नुकसानदेह है। उनके अनुसार, 'घर तभी एक वास्तविक संपत्ति बनता है, जब यह आपकी पूरी वित्तीय जिंदगी पर हावी न हो।' इसलिए घर का सपना पूरा करने से पहले यह जरूर जांच लें कि वह आपकी आर्थिक मजबूती का जरिया बन रहा है या सिर्फ एक भारी बोझ।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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